जम्मू-कश्मीर में इन दिनों गांदरबल में हुए एनकाउंटर का मामला गरमाया हुआ है. जिसमें विधानसभा में भी इसको लेकर घमासान देखने को मिला. नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के विधायकों ने इस (tussle over Ganderbal encounter) एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए सदन में जोरदार हंगामा किया. इसके साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.
tussle over Ganderbal encounter – विधायकों ने मांग की कि विधानसभा की ओर से सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं और मारे गए शख्स का शव उसके परिजनों को सौंपा जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और परिवार को न्याय मिल सके.
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कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा जो जांच के आदेश दिए गए हैं, वह पर्याप्त नहीं हैं. उनका तर्क है कि इस मामले की निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच के लिए या तो न्यायिक जांच करवाई जानी चाहिए या किसी स्वतंत्र एजेंसी से इसकी पड़ताल करवाई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और लोगों का भरोसा बना रहे. वहीं, इस मुद्दे को लेकर सदन में माहौल काफी गरम रहा. विपक्ष लगातार सरकार पर जवाब देने का दबाव बनाता रहा.
वहीं बीजेपी के विधायक रणवीर सिंह पठानिया ने सवाल उठाया कि इस विधानसभा सत्र में उनके आठ प्रश्न यह कहकर खारिज कर दिए गए कि वे केंद्र शासित प्रदेश सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते. ऐसे में उन्होंने सवाल किया कि जो मामला सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय और उपराज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में आता है, उसे इस विधानसभा में चर्चा के लिए क्यों लाया जा रहा है.
