भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने 12वीं कक्षा के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने वाली ‘मुख्यमंत्री स्कूटी योजना’ के नियमों में इस वर्ष महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अब योजना का लाभ केवल उन मेधावी (big change in rules of scooty scheme) विद्यार्थियों को ही मिल सकेगा, जिन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हों।

big change in rules of scooty scheme – इससे पहले की व्यवस्था के तहत यदि किसी शासकीय विद्यालय का छात्र या छात्रा 60 प्रतिशत अंक के साथ भी स्कूल में प्रथम स्थान  पर रहता था, तो वह स्कूटी योजना का पात्र मान लिया जाता था। नए नियम लागू होने के बाद इस वर्ष पात्र विद्यार्थियों की कुल संख्या में कमी आने की संभावना जताई जा रही है।

 अब केवल 70% अंक पाने वाले स्कूल टॉपरों को मिलेगी ई-स्कूटी 

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) की 12वीं बोर्ड परीक्षा में शासकीय विद्यालय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दो मेधावी विद्यार्थियों (एक छात्र और एक छात्रा) को ई-स्कूटी या उसके लिए निर्धारित वित्तीय सहायता राशि दी जाती है। अब इस पात्रता में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक लाने की अनिवार्यता जोड़ दी गई है। पहले स्कूल टॉपर होने के साथ 60 प्रतिशत अंक भी पर्याप्त माने जाते थे, लेकिन इस शैक्षणिक सत्र से यह व्यवस्था पूरी तरह बदल दी गई है।

 हर साल 7,800 मेधावियों को मिलती है स्कूटी 

मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के माध्यम से हर साल लगभग 7,800 छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया जाता है। सरकार पात्र विद्यार्थियों को ई-स्कूटी या पेट्रोल स्कूटी खरीदने के लिए ₹1 लाख से लेकर ₹1.25 लाख तक की वित्तीय सहायता उनके खाते में उपलब्ध कराती है। विदित हो कि पिछले वर्ष पात्र विद्यार्थियों को 11 सितंबर को स्कूटी वितरित की गई थी। हालांकि, इस बार नई 70% अंक की पात्रता और डेटा फीडिंग में हो रहे विलंब के कारण वितरण प्रक्रिया प्रभावित होने के पूरे आसार हैं।

 

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