Bhopal : राजधानी भोपाल (Bhopal) से संचालित टक्सिडो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी 22 बी तृतीय तल बैंक ऑफ इंडिया के ऊपर जोन 1 एमपीनगर भोपाल (Bhopal) का है ! यहाँ से संचालित टैक्सीडो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्ताधर्ताओं में मुख्य रूप से कंपनी के सीईओ राहुल बंसल , रूचि बंसल, प्रिय बंसल एवं अन्य ने लग्ज़री कारों को किराये पर लेकर अनुबंध के माधयम से आकर्षक मासिक किश्तों पर वार्षिक एग्रीमेंट वाहनस्वामियों से किया ! तत्पश्चात सभी वाहनस्वामियों ने अपने अपने वाहन टैक्सीडो कंपनी के सीईओ राहुल बंसल के सुपुर्द कर दिए ! दो – तीन महीनों तक सभी वाहनों का किराया समय पर मिलता रहा वही सभी अनुबंधित वाहनों में कंपनी ने जीपीएस सिस्टम और मोबइल एप डाउनलोड करवा दिए ! बस फिर तो कंपनी की ख्याति इन वाहनस्वामियों ने खुद ही फैलाना शुरू कर दिया इसके बाद मध्यप्रदेश के अनेक जिलों से लोगों ने अपने नए नए वाहनों को अच्छे मासिक किराये की आस में लगा दिया जिनकी संख्या हमारी जानकारी में लगभग 200 को पार कर गई ! इससे किसी को भी किसी तरह की शंका इन जालसाजों पर नहीं हुई !
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इसके बाद कंपनी के जालसाज सीईओ एंड कंपनी ने अपना असली खेल खेला !टैक्सीडो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के जालसाज सीईओ राहुल बजाज एंड कंपनी के कारिंदो ने सभी किराये की गाड़ियों को यहाँ वहां बेच डाली ! कंपनी से जब वाहनस्वामियों को किराया मिलना बंद हो गया तो कुछ लोग कंपनी के आफिस पहुंचकर तकाजा करने लगे इसके बाद भी जब किराया मिलता नहीं दिखने पर वाहनस्वामियों ने अपनी गाड़ियां वापस मांगी लेकिन कंपनी गुमराह करती रही लेकिन बहानेबाजी भी कब तक चलती ! अब पीड़ितों ने एमपीनगर थाने को इस गोरखधंधे की शिकायत कर दी !
एक मामले मे जालसाज ने मध्यप्रदेश के अनेक जिलों के लोगो से उनके एक्सयूवी वाहनों को किराये पर अनुबंध किया और फरार हो गया। इस मामले मे भोपाल पुलिस ने मामले को दर्ज़ कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया ,वही मुख्य आरोपी फरार है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से संचालित टक्सिडो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संचालक ने एमपी नगर जोन १ से किराये पर टैक्सी लेने का कारोबार शुरू किया। बेहद आकर्षक मासिक किराया देने का प्रलोभन देकर मध्यप्रदेश के अलग अलग जिलों से एक्सयूवी वाहनों के मालिकों ने उक्त कपनी में अनुबंध पर अपनी नयी नयी गाड़ियाँ कंपनी को सुपुर्द कर दी ,दो तीन महीने तक सभी वाहन मालिकों को अपने अपने वाहनों का किराया समय पर मिलता रहा जिससे कंपनी की ख्याति दूर दूर तक फैलती चली गयी। कंपनी संचालको में मुख्य राहुल बंसल ,प्रिया बंसल ,बाकि बंसल शामिल थे। इसके अलावा कंपनी में जनरल मैनेजर रविकांत विश्वकर्मा सहित सुपरवाइजर जीतेन्द्र भदौरिया एवं कारन सिंह सहित अन्य लोग शामिल थे।
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धीरे धीरे टक्सिडो कंपनी मैं सैकड़ो वाहन किराये पर कंपनी मैं लग गए। कंपनी के द्वारा बाकायदा जीपीआरएस सिस्टम एवं मोबाइल एप्प वाहन स्वामियों को उपलब्ध कराये गए जिससे वे अपने वहनों की स्तिथि कभी भी देख सके। कंपनी की इन सहूलियतों के कारण किसी ने सोचा भी नहीं था की वे एक बड़ी जालसाजी का शिकार हो रहे है,लगभग २ -३ माह बीतने के बाद किराया मिलना बंद होने पर वाहन स्वामियों ने कंपनी संचालको से बकाया करना शुरू कर दिया इधर कंपनी संचालको ने किराये पर लिए वाहनों की बिक्री शुरू कर ही दी थी। किराया न मिलने पर वाहन मालिको ने अपने वाहन वापस करने की मांग की गयी। वाहन नहीं मिलने पर पहले पीड़ितों ने एमपी नगर पुलिस को अलग अलग शिकायतें की। मामला बढ़ने और पीड़ितों की संख्या बढ़ने पर थाना एमपी नगर ने अपराध क्रमांक 0092/2022 दर्ज कर धारा 406 में अपराध पंजीबद्ध कर कंपनी के जनरल मैनेजर रविकांत विश्वकर्मा को गिरफ्तार कर लिया। जहाँ भोपाल कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया। उधर मुख्य आरोपी राहुल बंसल ,प्रिय बंसल ,सभी बंसल फरार हो गए। कंपनी पर ताला लगा है।
पीड़ितों की कहीं सुनवाई नहीं होने और वाहन वापस न मिलने पर वाहन मालिकों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारीयों से बी शिकायतें की लेकिन किसी ने कुछ नहीं किया। इसी बीच एक पीड़ित के कुछ वाहन भिण्ड जिले में होने की सुचना मिली। इसके बाद कुछ लोग भिण्ड पहुंचे वहां उमरी थाना के थाना प्रभारी विनय सिंह तोमर के पास सफ़ेद स्कॉर्पियो एमपी 04 टीबी 3092 देखकर वाहन स्वामी खुश हो गए और टी आई साहब को आपबीती सुनाकर अपनी गाडी वापस मांगी। इसपर विनय सिंह तोमर ने कहा कि मैंने 4 लाख रूपये देकर गाडी खरीदी है तुम वह पैसा वापस कर दो और गाड़ी ले जाओ। पीड़ित हक्का बक्का रह गया। पुलिस वालो से बहस न करके वापस लौट आया। इसके बाद एक और फरियादी की बोलेरो गाडी भी इन्ही विनय सिंह तोमर के पास होने की जानकारी मिलने पर वह भी पंहुचा लेकिन उसे भी गाडी वापस नहीं मिली।
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पीड़ितों ने जब हमसे संपर्क किया तो लगभग एक दर्जन पीड़ितों ने मिलकर सारी आपबीती हमें सुनाई हमारे द्वारा इस जालसाजी की पड़ताल शुरू करते ही एमपी नगर पुलिस हरकत मैं आई और आनन फानन मे भिण्ड पहुँचकर आधा दर्जन गाड़ियां जब्त कर भोपाल लेकर दो दिन पहले लौट आई। उधर भिंड पुलिस प्रसाशन में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अधीक्षक भिंड शैलेन्द्र सिंह चौहान मोबाइल अटेंड नहीं कर रहे शायद उन्हें अंदाजा है कि हमारा सवाल क्या होगा?गंभीर बात यह है की चोरो को पकड़ने वाली पलिस यदि अपराधियों से सांठगांठ कर फर्ज़ीवाड़े को बढ़ावा देकर अपराधियों से मिल जाये तो कानून और न्याय वयवस्था का क्या होगा ?
Author – Vijay Dongre

