भिवानी : भिवानी जिले से मानवता को झकझोर कर रख देने वाला एक अत्यंत हृदयविदारक मामला प्रकाश में आया है। शहर की बिजली बोर्ड कॉलोनी में सुबह-सवेरे एक पेड़ की टहनी पर लटकाई गई काली पॉलीथिन से एक नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। इस सनसनीखेज घटना की जानकारी जैसे ही आसपास फैली, पूरे (shame on humanity in bhiwani) इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर स्थानीय नागरिकों का भारी हुजूम एकत्रित हो गया।
shame on humanity in bhiwani – प्रत्यक्षदर्शियों एवं स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह के समय जब नागरिक मॉर्निंग वॉक के लिए निकल रहे थे, तभी उनकी नजर पेड़ पर बंधी एक काली थैली पर पड़ी, जिसमें हलचल हो रही थी और भीतर से बच्चे के कराहने व रोने का स्वर आ रहा था। नागरिकों ने जब पास जाकर थैली को खोला, तो उनके होश उड़ गए। भीतर कपड़े में लिपटा हुआ केवल एक दिन का नवजात बालक मौजूद था, जिसके शरीर से जन्म के समय की गर्भनाल भी अलग नहीं की गई थी। खुले आसमान के नीचे ठंड में रहने के कारण मासूम का शरीर अत्यधिक ठंडा पड़ चुका था।
डायल 112 की तत्परता से बची जान
स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए तत्काल पुलिस हेल्पलाइन डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) मौके पर पहुंचा और बच्चे को सावधानीपूर्वक सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस दल ने तत्काल नवजात को भिवानी के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां शिशु रोग विशेषज्ञों की देखरेख में उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। खुले में अत्यधिक ठंड झेलने के कारण शिशु हाइपोथर्मिया और सांस लेने में गंभीर कठिनाई (रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम) से जूझ रहा है।
