प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जम्मू सब-जोनल ऑफिस की टीम ने नार्को टेरर फंडिंग मामले में गुरुवार को जम्मू (2 जगह) और कश्मीर (4 जगह) के कुल 6 ठिकानों पर छापेमारी की है. इनमें पूर्व (attack on terror funding) विधायक और पूर्व मंत्री जतिंदर सिंह उर्फ बाबू सिंह के कठुआ स्थित आवास पर भी तलाशी की गई.
जानकारी के मुताबिक, 30 मार्च 2022 को पुलिस ने मोहम्मद शरीफ शाह नाम के एक व्यक्ति को उस वक्त पकड़ा था, जब वह कश्मीर से जम्मू तक 6.9 लाख रुपये की हवाला राशि पहुंचाने जा रहा था. यह रकम पूर्व विधायक जतिंदर सिंह को दी जानी थी, जिसका इस्तेमाल जम्मू में अलगाववादी और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए होना था.
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जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क में सैफ दीन, फारूक अहमद नायको, मुबाशिर मुश्ताक फाफू समेत कई लोग शामिल हैं. ये सभी पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के साथ मिलकर एक नार्को टेरर मॉड्यूल चला रहे थे, जिसके जरिए ड्रग्स की तस्करी से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जा रहा था.
attack on terror funding – ईडी की जांच में पता चला कि फारूक अहमद नायको ने पाकिस्तान से हेरोइन की तस्करी करवाई थी और साल 2021-22 में भारत में इसकी बिक्री से मिले 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम श्रीनगर के बैंक खातों में जमा करवाई गई. बाद में यह पैसा दुबई में काम करने वाले भारतीय नागरिकों के खातों में ट्रांसफर किया गया ताकि पैसों का असली स्रोत छिपाया जा सके. दुबई में जमा हुई यह अवैध रकम आगे चलकर पाकिस्तान में बैठे हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों तक पहुंचाई गई.
