अमेरिका ने 2020 के यूएस प्रेसिडेंट चुनाव को प्रभावित करने के आरोप में 16 संस्थाओं समेत 16 लोगों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की है।

गौरतलब हो, बीते गुरुवार यानि 15 अप्रैल को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस के खिलाफ प्रतिबंधों का एक नया दौर शुरू किया। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने इस मामले में रूस की खुफिया सेवाओं द्वारा संचालित साइबर कार्यक्रम का समर्थन करने वाली 6 रूसी प्रौद्योगिकी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया।साथ ही क्रीमिया में रूस की गतिविधियों से जुड़े आठ लोगों और संस्थाओं को भी बैन किया है।

पाकिस्तान से भी जुड़े हैं तार

इस सूची में कुछ पाकिस्तानी व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं, जिनमें लाहौर के अहमद, कराची का सैयद जौहर, मोहम्मद खिजर, रजा मोहसिन, रजा मुजतबा अली, मुजतबा अली आदि हैं।

नाम जन्म राष्ट्रीय आईडी
अहमद शहजाद 14 दिसम्बर 1987 3420204688179
सैयद जौहर 30 दिसम्बर 1987 4220106151401
मोहम्मद खिजर 14 जुलाई 1994 4210191597005
रजा मोहसीन 25 मई 1986 4220198261523
रजा मुजतबा अली 21 अक्टूबर 1987 –

आधिकारिक अमेरिकी बयान में कहा गया है कि इन सभी पर साइबर 2, इलेक्शन-EO 13848, 2018 के एक कार्यकारी आदेश के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जो अमेरिकी चुनाव में विदेशी हस्तक्षेप को प्रतिबंधित करता है।

आपको बता दें, कुल 32 व्यक्तियों और संस्थाओं में से 10 के तार कराची से जुड़े हुए हैं।

इन पाकिस्तानी कंपनियों का है नाम

अमेरिकी बयान में कहा गया है कि ये सभी व्यक्ति विभिन्न आईटी कंपनियों में शामिल हैं और एक-दूसरे से भी जुड़े हुए हैं। एक कंपनी की पहचान ‘फ्रेश एयर फार्म हाउस-कराची’ के नाम से है। बयान में दावा किया गया है कि कंपनी रजा मोहसिन और रजा मुजतबा अली से जुड़ी हुई है।

इसके अलावा एक और कंपनी है, जिसका पंजीकरण क्रमांक 4220198261523 है। ये कंपनी भी रजा मोहसिन और रजा मुजतबा अली से जुड़ी हुई है।

तीसरी कंपनी ‘एम के सॉफ्ट-टेक’ है। ये कंपनी भी कराची बेस्ड है और इसके तार भी रजा मोहसिन और रजा मुजतबा अली से जुड़े हुए हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, कराची की एक और कंपनी ‘सेकेंडरी सॉल्युशन’ के नाम पर केवल एक वेबसाइट और ईमेल है।

क्या है मामला ?

रूस पर आरोप है कि उसने पांच महीने पहले नौ संघीय एजेंसियों के नेटवर्क को हैक कर अमेरिकी गुप्त सूचनाओं को चुरा लिया था। साथ ही यह भी आरोप है कि रूस ने कथित रूप से डोनाल्ड ट्रम्प की मदद के लिए 2020 के राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की है। इससे पहले साल 2016 के अमेरिकी चुनावों को भी प्रभावित करने का रूस पर आरोप लग चुका है।

रूस ने भी दी जवाबी कार्यवाही की धमकी

वहीं जवाब में रूस ने सभी आरोपों से इनकार किया है। रूसी संघ परिषद के उपसभापति व्लादिमीर Dzhabarov ने कहा, “रूस के तरफ से भी ऐसा ही जवाब दिया जाएगा”।

बताना चाहेंगे कि पिछले महीने पुतिन सरकार के आलोचक एलेक्सी नवालनी को जहर दिए जाने वाले कथित मामले को लेकर अमेरिका ने सात रूसी अधिकारियों और एक दर्जन से अधिक रूसी सरकारी संस्थाओं को निशाना बनाया था।

वहीं, बीते मंगलवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक बातचीत में राष्ट्रपति बाइडेन ने अमेरिकी राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने की बात दोहराई थी। बाइडेन ने पुतिन के साथ उन क्षेत्रों को खोजने के लिए एक बैठक का प्रस्ताव दिया था, जहां दोनों देश एक साथ काम कर सकते हैं।

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