चंडीगढ़: हरियाणा के विकास और गौरवशाली इतिहास को नई पहचान देने वाले अंबाला छावनी के दो बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट अंबाला एयरपोर्ट और 1857 की आजादी की पहली लड़ाई को समर्पित भव्य शहीद स्मारक (Ambala got 2 historical gifts) अब पूरी तरह तैयार हैं। निर्माण कार्य लगभग समाप्त हो चुका है और अब केवल औपचारिक उद्घाटन की प्रतीक्षा है।
Ambala got 2 historical gifts – अंबाला एयरपोर्ट अब उद्घाटन के लिए पूरी तरह तैयार माना जा रहा है। एयरपोर्ट को एविएशन विभाग को हैंडओवर करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सुरक्षा मानकों की जांच, एक्स-रे मशीनों का परीक्षण, सिक्योरिटी क्लियरेंस, स्टाफ सुविधाएं, फर्नीचर और यात्रियों के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया जा चुका है।
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सूत्रों के अनुसार, अंतिम चरण में केवल पेंटिंग और कुछ तकनीकी औपचारिकताएं शेष हैं, जिन्हें तेजी से पूरा किया जा रहा है। मंत्री अनिल विज के अनुसार, केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद शुरुआती चरण में अंबाला से अयोध्या, लखनऊ, जम्मू और श्रीनगर के लिए उड़ानें शुरू किए जाने की तैयारी है। तीन एयरलाइनों को संचालन की मंजूरी मिल चुकी है, जबकि अन्य कंपनियां भी यहां से सेवाएं शुरू करने में रुचि दिखा रही हैं।
1857 शहीद स्मारक: इतिहास को मिलेगा उसका सम्मान
अंबाला छावनी में बन रहा 1857 की क्रांति का भव्य शहीद स्मारक देशभक्ति और इतिहास का जीवंत प्रतीक बनने जा रहा है। यह स्मारक Indian Rebellion of 1857 के उन वीरों को समर्पित है, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।


