नई दिल्ली / वाशिंगटन: 5G सेवाओं के सफल और तीव्र विस्तार के बाद भारत ने अब अगली पीढ़ी की संचार क्रांति यानी 6G की दिशा में एक बेहद सशक्त और दूरगामी कदम बढ़ा दिया है। दुनिया भर में जहां अभी 5G नेटवर्क का ढांचा खड़ा किया जा रहा है, वहीं भारत ने अपनी तकनीकी दूरदर्शिता दिखाते हुए (after success of 5G) भविष्य के 6G नेटवर्क की मजबूत नींव रख दी है। वैश्विक स्तर पर डिजिटल संप्रभुता और तकनीकी नेतृत्व स्थापित करने के उद्देश्य से भारत ने अमेरिका के नेतृत्व वाले एक प्रभावशाली ग्लोबल अलायंस में शामिल होने का आधिकारिक निर्णय लिया है।

after success of 5G – यह रणनीतिक साझेदारी आने वाले वर्षों में देश के संपूर्ण टेक्नोलॉजी और टेलीकॉम परिदृश्य को पूरी तरह बदल कर रख देगी। 6G तकनीक केवल सुपरफास्ट इंटरनेट स्पीड तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और ऑटोमेशन के हर क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी।

 25 देशों के मजबूत समूह का हिस्सा बना भारत

अमेरिकी वाणिज्य विभाग के आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत अब 6G तकनीक के अनुसंधान, विकास और सुरक्षा मानकों को तय करने वाले 24 अन्य शक्तिशाली देशों के वैश्विक समूह का सक्रिय सदस्य बन गया है। ऐतिहासिक समझौता अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना स्थित चैपल हिल में आयोजित G20 इनोवेशन मंत्री-स्तरीय बैठक के दौरान संपन्न हुआ।

 

 

 

 

 

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