अरब सागर: भारतीय नौसेना ने समुद्र में एक बार फिर अपने अदम्य साहस और पेशेवर क्षमता का लोहा मनवाया है। नौसेना ने अरब सागर में एक बड़ा और चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान (रेस्क्यू ऑपरेशन) सफलतापूर्वक पूरा करते हुए ईरान के मछली पकड़ने वाले पोत ‘अजिनी’ पर सवार सभी 20 क्रू सदस्यों को सुरक्षित मुक्त करा लिया है। इस जहाज को सोमालियाई समुद्री लुटेरों ने अपने कब्जे में ले लिया था। भारतीय नौसेना ने लगभग 48 घंटों तक चले इस गहन और सुनियोजित ऑपरेशन के बाद सभी बंधकों को सकुशल छुड़ा लिया है। इस शानदार सैन्य सफलता की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई है, जिसके बाद देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पूरी नौसेना टीम को बधाई दी है।
मुंबई से लगभग 3000 किलोमीटर दूर चलाया गया अभियान, भारतीय वायुसेना की मदद से समुद्री लुटेरों के चंगुल से छुड़ाया गया पोत
यह पूरा उच्च-स्तरीय ऑपरेशन वित्तीय नगरी मुंबई से करीब 3000 किलोमीटर की अत्यधिक दूरी पर अरब सागर के गहरे क्षेत्र में अंजाम दिया गया। समुद्री लुटेरों के मजबूत कब्जे से जहाज और उस पर मौजूद सभी नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारतीय नौसेना ने भारतीय वायुसेना (IAF) की भी सक्रिय सहायता ली। रक्षामंत्री ने इस सफल और सुनियोजित ऑपरेशन के लिए भारतीय नौसेना की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि इस जटिल अभियान को अत्यंत सावधानी, अचूक रणनीति और दोनों सेनाओं के बेहतरीन आपसी तालमेल के साथ पूरा किया गया है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर साझा की जानकारी, नौसेना की उच्च परिचालन तत्परता और अदम्य साहस की सराहना की
इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए देश के रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “2 नवंबर 2026 को मुंबई से 3000 किलोमीटर से अधिक दूर अरब सागर में समुद्री लुटेरों द्वारा अगवा किए गए मछली पकड़ने वाले जहाज ‘अजिनी’ के सभी 20 क्रू सदस्यों को सकुशल बचाने के लिए भारतीय नौसेना ने 48 घंटे तक एक बेहद सुनियोजित अभियान चलाया। इस शानदार और सफल ऑपरेशन के लिए मैं भारतीय नौसेना को अपनी ओर से हार्दिक बधाई देता हूं।” उन्होंने आगे कहा कि वायुसेना के समय पर मिले सहयोग से भारी हथियारों से लैस लुटेरों के चंगुल से जहाज को ढूंढ निकालना और सुरक्षित छुड़ाना नौसेना की उच्च परिचालन तत्परता को दर्शाता है।
सोमालियाई तट के पास दिया गया था अपहरण को अंजाम, अदन की खाड़ी और अरब सागर में लगातार मुस्तैद रहती है भारतीय नौसेना
मीडिया रिपोर्ट्स से प्राप्त विवरण के अनुसार, ईरानी मछली पकड़ने वाले पोत ‘अजिनी’ को उत्तर-पूर्वी सोमालिया में बंदर बायला और हाफुन के तटीय क्षेत्रों के बीच समुद्री लुटेरों द्वारा अगवा कर लिया गया था, जिसके बाद से वे इसे अपने नियंत्रण में रखे हुए थे। गौरतलब है कि भारतीय नौसेना अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए 23 अक्टूबर 2008 से ही अदन की खाड़ी और आसपास के इलाकों में लगातार गश्त कर रही है। इस सामरिक उद्देश्य के लिए नौसेना का कम से कम एक अत्याधुनिक युद्धपोत हर समय तैनात रहता है। इस नियमित गश्त का मुख्य उद्देश्य समुद्र के रास्ते होने वाले भारतीय व्यापार को सुरक्षित रखना, नाविकों का मनोबल बढ़ाना और लुटेरों के किसी भी नापाक मंसूबे को विफल करना है।


