पासीघाट: अरुणाचल प्रदेश के ईस्ट सियांग जिले के मुख्यालय पासीघाट में हुई हिंसक घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हालात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। राज्य पुलिस से प्राप्त आधिकारिक जानकारियों के अनुसार, स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (Arunachal Pradesh Violence) के साथ-साथ दंगा नियंत्रण के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की अतिरिक्त टुकड़ियों को भेजा जा रहा है।
Arunachal Pradesh Violence – यह पूरा मामला पासीघाट क्षेत्र में प्रस्तावित ‘सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट’ के विरोध से जुड़ा हुआ है, जिसके खिलाफ स्थानीय स्तर पर लंबे समय से प्रदर्शन चल रहे थे। बीते शुक्रवार की रात से लेकर शनिवार तक पासीघाट में भयंकर हिंसा, तोड़फोड़ और कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों के आवासों पर लूटपाट जैसी अप्रिय घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। सैन्यीकरण के खिलाफ युवा वर्ग (Gen Z) के नेतृत्व में निकाले गए मोर्चों और बांध का विरोध कर रहे ग्रामीणों की लगातार हो रही गिरफ्तारियों के चलते यह पूरा विवाद और अधिक गहरा गया है।
हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में अब तक 26 लोग गिरफ्तार
पासीघाट में सियांग नदी पर बनने वाले इस मेगा बांध के विरोध में गत 23 अक्टूबर को बुलाए गए बंद के दौरान भड़की हिंसा के सिलसिले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 26 लोगों को धर दबोचा है, जिनमें पांच नाबालिग भी शामिल बताए जा रहे हैं। ईस्ट सियांग के पुलिस अधीक्षक पंकज लांबा ने एक प्रेस बयान जारी कर यह जानकारी दी कि इस सिलसिले में कुल आठ अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं, और इस पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ने के लिए फिलहाल छह अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।


