दिल्ली-एनसीआर: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर के कई इलाकों में शनिवार की रात अचानक तेज हवाओं और झमाझम बारिश के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। मौसम में आए इस बदलाव का सीधा असर हवा की गुणवत्ता पर दिखाई दे रहा है, जिससे आज एक्यूआई (AQI) में काफी सुधार होने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अक्टूबर के अंतिम दिनों और नवंबर के शुरुआती हफ्ते में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके प्रभाव से हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ ठंड की दस्तक तेज होने के आसार हैं।
तेज हवाओं और बारिश के ‘वॉश-आउट इफेक्ट’ से सुधरा AQI
बीते तीन दिनों से दिल्ली-एनसीआर की हवा लगातार ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई थी, जिसके चलते अधिकारियों को ग्रैप-1 (GRAP-1) के तहत पाबंदियां लागू करनी पड़ी थीं। हालांकि, शनिवार शाम से ही हवा की रफ्तार तेज होने के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार दर्ज किया गया और यह सुधरकर मध्यम श्रेणी में आ गया। शनिवार देर रात नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में हुई वर्षा के बाद आज सुबह वातावरण काफी साफ नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस वेदर वॉश-आउट के चलते आगामी दो से तीन दिनों तक प्रदूषण का स्तर नियंत्रण में बना रहेगा।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बदला मौसम का चक्र
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) सक्रिय है, जो पश्चिमी विक्षोभ के रूप में असर दिखा रहा है। इसके प्रभाव से पश्चिमी राजस्थान और हरियाणा के हिस्सों में भी एक और साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसी मौसमी तंत्र के कारण शनिवार को हरियाणा के महेंद्रगढ़ व झज्जर तथा राजस्थान के चूरू व अलवर में ओलावृष्टि के साथ भारी बारिश दर्ज की गई, जिसका असर शनिवार देर रात दिल्ली-एनसीआर के मौसम पर भी साफ तौर पर देखने को मिला।
तापमान में गिरावट से बढ़ी सिहरन, महसूस हुई गुलाबी ठंड
हुई बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से दिल्ली-एनसीआर के न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, न्यूनतम तापमान सामान्य के करीब पहुंच गया है, जिसके चलते अब सुबह और शाम के वक्त हल्की सिहरन यानी गुलाबी ठंड का अहसास लोगों को साफ तौर पर होने लगा है।


