दिल्ली में आज निषाद पार्टी का एक बहुत बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद की अध्यक्षता में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम के लिए देश भर से ‘दिल्ली चलो’ का आह्वान किया गया था. ’12 साल बेमिसाल, मछुआरों का हुआ उत्थान’ के मुख्य नारे के साथ (Nishad Party Power Show) इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की पूरी तैयारी की गई है.
आरक्षण के लिए सत्ता से लड़ने का शंखनाद
संजय निषाद ने अपने संदेश में लिखा है कि आरक्षण के लिए सत्ता से भी आर-पार की लड़ाई लड़ने का शंखनाद हो चुका है, और तालकटोरा स्टेडियम में समाज को अपनी चट्टानी एकता का परिचय देना होगा. मंत्री संजय निषाद का यह आह्वान हर उस निषाद के दिल की पुकार है, जिसके सीने में अपने समाज के खोए हुए गौरव और संवैधानिक आरक्षण को वापस पाने की भारी तड़प है. उन्होंने कहा कि राजनीति में हिस्सेदारी और हक केवल उन्हीं लोगों को मिलता है, जो सही समय पर अपनी एकजुटता की ताकत दिखाना अच्छी तरह जानते हैं. रणभेरी पूरी तरह बज चुकी है और देश के विभिन्न कोनों से काफिले निकल पड़े हैं, जो तालकटोरा पहुंचकर इतिहास रचेंगे.
2027 के चुनाव से पहले बीजेपी पर दबाव बनाने की रणनीति
यह पूरा जुटान मुख्य रूप से संवैधानिक अधिकारों, मछुआ समुदाय के सम्मान, बच्चों की बेहतर शिक्षा व रोजगार, तथा समाज की एकता और स्वाभिमान को बचाने के लिए किया जा रहा है. मछुआ समाज की विभिन्न उपजातियों को अनुसूचित जाति (SC) का लाभ दिलाने समेत कई प्रमुख मांगों को लेकर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम को साल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले निषाद समाज की राजनीतिक ताकत और उनके मजबूत जनाधार को प्रदर्शित करने के रूप में देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस शक्ति प्रदर्शन के जरिए पार्टी का (Nishad Party Power Show) मुख्य उद्देश्य सरकार और खासकर बीजेपी पर अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाना है.


