झारखंड के गिरिडीह जिले की राजनीति में एक नए अध्याय की (Shweta Sharma Giridih Politics) शुरुआत होती नजर आ रही है। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री और गिरिडीह के लोकप्रिय विधायक रहे सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन के बाद अब इस सीट पर विधानसभा उपचुनाव होना लगभग तय माना जा रहा है। चुनाव की सुगबुगाहट तेज होने के साथ ही राजनीतिक गलियारों में यह प्रबल संभावना जताई जा रही है कि दिवंगत मंत्री की धर्मपत्नी श्वेता शर्मा झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की तरफ से उम्मीदवार हो सकती हैं।
Shweta Sharma Giridih Politics – श्वेता शर्मा गिरिडीह के पीरटांड क्षेत्र के उन तमाम सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंचीं, जहां से दिवंगत नेता को हमेशा से भारी जनसमर्थन और स्नेह मिलता रहा है। इन इलाकों के विकास की चिंता दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार को हमेशा सबसे अधिक रहती थी। इस दौरान उनके साथ उनकी दोनों बेटियां सृष्टि और समृद्धि भी मौजूद रहीं। इसके अलावा झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह, पूर्व विधायक केदार हाजरा और उपमहापौर सहित कई प्रमुख नेता भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलते दिखे।
पति के अधूरे सपनों को पूरा करना ही मेरा लक्ष्य है
क्षेत्रीय दौरे और बैठकों के दौरान श्वेता शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही आज ‘सोनू भैया’ हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका हर सपना क्षेत्र के विकास से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा उनका सपना था हर गांव का विकास हो और बुनियादी सुविधाएं बढ़ें,और अब उनके द्वारा शुरू किए गए सभी अधूरे कार्यों को पूरा करेंगी। इससे पहले वह शहर और मुफस्सिल क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुकी हैं, और अब पीरटांड के कार्यकर्ताओं से मिलकर उन्होंने सीधा संवाद स्थापित किया है।


