लंदन : भारत की पावन और विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती की भव्यता अब ब्रिटेन की राजधानी लंदन में टेम्स नदी के तट पर भी देखने को मिली है। रविवार को लंदन में भारतीय सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का अनूठा संगम देखने को मिला, जब टेम्स नदी के किनारे पहली बार विधिवत गंगा आरती का आयोजन किया गया। इस (Ganga Aarti in London) ऐतिहासिक और पावन अवसर पर प्रवासी हिंदू समुदाय और दक्षिण एशियाई लोगों में भारी उत्साह देखा गया।
Ganga Aarti in London – भारत के हरिद्वार, ऋषिकेश और काशी के गंगा घाटों पर होने वाली आरती के भाव और आध्यात्मिक ऊर्जा को उसी शुचिता के साथ टेम्स के तट पर साकार किया गया। इस संपूर्ण उत्सव को प्रकृति, ज्ञान और चेतना के जीवनदायी प्रवाह के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया। ए सेरेमनी ऑफ लाइट’ के तहत उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रकृति, जीवनदायिनी नदियों और समूची सृष्टि के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित किए।
चिन्मय मिशन यूके की शिक्षिका ब्रह्मचारिणी श्रीप्रिया चैतन्य ने कहा कि युगों से लोग गंगा तट पर जीवनदायिनी प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने जुटते आए हैं; टेम्स पर आयोजित इस आरती ने भी लोगों को कृतज्ञता, आशा और सामाजिक एकता के साझा सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। ब्रह्मचारिणी श्रीप्रिया चैतन्य के अनुसार, चिन्मय मिशन के लिए गंगा नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि शाश्वत ज्ञान के प्रवाह का प्रतीक है।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का रखा गया विशेष ध्यान
कार्यक्रम के दौरान नदी की स्वच्छता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता का असाधारण ध्यान रखा गया। पूरी आरती टेम्स के किनारे जमीन पर ही आयोजित की गई। पूजा या समारोह से संबंधित कोई भी वस्तु, फूल, तेल अथवा सामग्री टेम्स नदी के जल में न तो प्रवाहित की गई और न ही छोड़ी गई। चिन्मय मिशन ने रेखांकित किया किप्रकृति के प्रति सच्ची कृतज्ञता केवल पूजा-अर्चना तक सीमित न रहकर अपने आसपास के पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण से ही सिद्ध होती है।


