प्रयागराज : शहर से अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए 27 वर्षीय युवा फोटोग्राफर आलोक गुप्ता के मामले में पुलिस ने एक रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा किया है। परिजनों द्वारा गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने जब गहन छानबीन शुरू की, तो पता चला कि आलोक गुप्ता की गोली मारकर हत्या (Prayagraj Photographer Murder Case) कर दी गई थी। इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने वाला कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि उसका अपना ही करीबी दोस्त निकला।
मध्य प्रदेश के रीवा में मिला शव
जांच के दौरान पुलिस ने इलाके के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें तीन संदिग्ध युवक एक बड़ा और भारी नीला बैग उठाकर ले जाते हुए साफ दिखाई दिए। इसी बीच प्रयागराज पुलिस को मध्य प्रदेश के रीवा जिले से सूचना मिली कि वहां एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ है। प्रयागराज पुलिस ने रीवा पुलिस से संपर्क साधा और परिजनों से शिनाख्त कराई, जिसके बाद स्पष्ट हो गया कि वह शव लापता फोटोग्राफर आलोक गुप्ता का ही था।
कार में नीले बैग में रखकर रीवा में ठिकाने लगाया शव
पुलिस पूछताछ के अनुसार, मुख्य साजिशकर्ता ने अपने दो साथियों शुभम यादव और अंकुश यादव के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से आलोक को गोली मार दी। हत्या के उपरांत साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से तीनों ने आलोक के शव को बड़े नीले बैग में भरा, उसे कार की डिग्गी में रखा और प्रयागराज से सैकड़ों किलोमीटर दूर रीवा के बीहड़ इलाके में फेंक आए।
सूबेदारगंज पुल के नीचे से दबोचे गए हत्यारे
पुलिस टीम ने पुख्ता सूचना के आधार पर (Prayagraj Photographer Murder Case) जाल बिछाकर सूबेदारगंज स्थित पुल के नीचे से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।आरोपियों के कब्जे से कत्ल में प्रयुक्त एक अवैध पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिसिया पूछताछ में सामने आया कि आलोक फोटोग्राफी के पेशे से अच्छी कमाई कर रहा था, जिससे उसके दोस्त के मन में गहरी ईर्ष्या और जलन पैदा हो गई थी। इसी दुर्भावना और रंजिश के चलते उसने साथियों के साथ मिलकर अपने ही दोस्त को रास्ते से हटा दिया।


