चेन्नई : तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को वर्ष 2029 के लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में आगे बढ़ाने की चर्चाओं ने राज्य के सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। इस मुद्दे पर सहयोगी दल कांग्रेस और TVK के बीच (Tamil Nadu Politics) मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।
Tamil Nadu Politics – विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए तमिलनाडु सरकार के मंत्री के.ए. सेंगोट्टैयन ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी का नेतृत्व अपने रुख को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता ने विजय के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास जताकर उन्हें प्रचंड जनादेश दिया है और मुख्यमंत्री राज्य के नागरिकों के हितों व कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं।
जब मंत्री सेंगोट्टैयन से विजय को पीएम पद के चेहरे के रूप में प्रस्तुत किए जाने पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व की सोच बिल्कुल साफ है और राज्य ने थलपति विजय पर भरोसा जताकर इतिहास रचा है। उन्होंने रेखांकित किया कि TVK ने गठन के महज दो वर्षों के भीतर ही विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक विजय दर्ज की और चुनाव से मात्र दो महीने पहले मिले नए चुनाव चिह्न के साथ सरकार बनाई।
थूथुकुडी में ‘कल के पीएम’ वाले पोस्टर से भड़का विवाद
इस राजनीतिक विवाद की शुरुआत तब हुई जब थूथुकुडी शहर के कई प्रमुख स्थानों पर TVK कार्यकर्ता सुधाकर (पूर्व AIADMK नेता) द्वारा पोस्टर चस्पा किए गए, जिन पर विजय को “कल का पीएम” बताया गया था। TVK विधायक कनिमोझी संतोष ने सार्वजनिक मंच से कहा कि 2029 में भारतीय राजनीति में अभूतपूर्व बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने दावा किया राहुल गांधी ही विजय का हाथ थामकर उन्हें 2029 में देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाएंगे।


