रायपुर : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा चाय की दुकानों पर जातिगत भेदभाव और अलग-अलग कपों के इस्तेमाल का मुद्दा उठाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में सियासी पारा चढ़ गया है। छत्तीसगढ़ भाजपा ने (Rahul Gandhi’s tea of casteism) राहुल गांधी के इस बयान पर तीखा पलटवार करते हुए एक व्यंग्यात्मक कार्टून पोस्टर जारी किया है।
Rahul Gandhi’s tea of casteism – इस पोस्टर में राहुल गांधी को ‘जातिवाद की चाय’ की दुकान चलाते हुए दिखाया गया है, जहां ग्राहकों के रूप में कांग्रेस के ही वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग प्रकार के कपों में चाय परोसी जा रही है। इस कार्टून के जरिए भाजपा ने कांग्रेस के आंतरिक समीकरणों और नेताओं की कथित हैसियत पर कड़ा कटाक्ष किया है, जिसके बाद दोनों दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
जारी पोस्टर में पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया को प्लास्टिक के डिस्पोजेबल गिलास, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कागज (पेपर) के कप और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव को कांच के कप में चाय परोसते हुए दर्शाया गया है। भाजपा ने इस प्रतीकात्मक चित्रण के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया है कि राहुल गांधी देश में जातिवाद का आरोप लगाने से पहले अपनी ही पार्टी के भीतर नेताओं के अलग-अलग दर्जे और भेदभाव को देखें।
60 साल सत्ता में रहकर भी भेदभाव नहीं मिटाया
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी सामाजिक असमानता बची है, तो इसके लिए 60 वर्षों तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस जिम्मेदार है।आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए आज भी संवेदनशील सामाजिक मुद्दों पर समाज को बांटने और भड़काने का काम कर रहे हैं।


