जम्मू: जम्मू-कश्मीर में एमबीबीएस (MBBS) और बीडीएस (BDS) इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज चौथे दिन भी जारी है। प्रदेशभर के मेडिकल कॉलेजों और सरकारी अस्पतालों में कार्यरत करीब 1500 से 1600 इंटर्न डॉक्टरों के सामूहिक कार्य बहिष्कार के चलते स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई हैं। विशेष रूप से बाह्य रोगी विभाग (OPD) की नियमित सेवाओं पर इसका सीधा असर देखा जा रहा है।
आंदोलनकारी डॉक्टरों का कहना है कि पिछले करीब सात वर्षों से उनके मानदेय या स्टाइपेंड में कोई तर्कसंगत बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि वे इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, इनडोर वार्ड और नाइट ड्यूटी जैसी अति-आवश्यक सेवाओं में दिन-रात मुस्तैद रहते हैं। इंटर्न डॉक्टरों के अनुपस्थित रहने से जम्मू स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज (GMC) सहित अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में नियमित व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं।
fourth day of strike – हड़ताल के तीसरे दिन (बुधवार) को जम्मू जीएमसी की ओपीडी में मंगलवार की तुलना में मरीजों की आमद में 292 की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई, दूर-दराज से आने वाले मरीजों को परामर्श में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डॉक्टरों ने असंतोष जताते हुए कहा हड़ताल के चार दिन बीतने के बावजूद प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मांगों के समाधान अथवा गतिरोध समाप्त करने के लिए कोई औपचारिक वार्ता या ठोस पहल नहीं की गई है।
लिखित आदेश मिलने तक हड़ताल रहेगी जारी
इंटर्न डॉक्टरों ने दो-टूक कहा है कि वे किसी मौखिक आश्वासन के आधार पर काम पर नहीं लौटेंगे; जब तक सरकार स्टाइपेंड संशोधन का आधिकारिक लिखित आदेश जारी नहीं करती, उनका अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी रहेगा। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने भी डॉक्टरों के इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए उनकी मांग को पूरी तरह से जायज, तार्किक और समय की मांग बताया है।


