पटना : प्राकृतिक आपदा और भारी बारिश से जूझ रहे पड़ोसी देश नेपाल में तिब्बत-नेपाल सीमा पर स्थित एक और ग्लेशियल झील (GLOF) के फटने से जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नेपाल में मची इस तबाही के बाद सीमावर्ती भारतीय राज्य बिहार में भी शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। उत्तर बिहार में (high alert in Bihar) संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर गंडक और कोसी बराज सहित सभी संवेदनशील तटबंधों पर चौबीसों घंटे कड़ी निगरानी शुरू कर दी गई है।
high alert in Bihar – नेपाल की नदियों से आने वाले भारी पानी और मलबे के दबाव को कम करने और जल निकासी को सुगम बनाने के लिए वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज के सभी 36 फाटकों को खोल दिया गया है। अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी टीम बराज पर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है तथा सारण तटबंध सहित तमाम संवेदनशील स्थलों पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।
‘स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में, घबराने की आवश्यकता नहीं’: उपमुख्यमंत्री
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया नेपाल में ग्लेशियर झील फटने का मुख्य केंद्र वाल्मीकिनगर बराज से करीब 250 से 300 किलोमीटर दूर है, जिसके कारण मैदानी क्षेत्रों तक पहुंचते-पहुंचते पानी का बहाव और गति काफी धीमी हो जाती है। गंडक नदी का जलस्तर सामान्य से नीचे बह रहा था, इसलिए नेपाल से आए अतिरिक्त पानी को नदी के बहाव क्षेत्र ने आसानी से समाहित कर लिया है और वर्तमान में कोई भयावह स्थिति नहीं है।


