नासिक : महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) द्वारा आयोजित अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप B) भर्ती परीक्षा में सामने आया पेपर लीक का मामला किसी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसा साबित हुआ है। इस पूरे फर्जीवाड़े के केंद्र में प्रेम, बेवफाई और बदले की वह कहानी है जिसने राज्य के एक बड़े (MPSC paper leak case) प्रशासनिक घोटाले की कलई खोलकर रख दी। मालेगांव की एक दवा कंपनी में कार्यरत गौरव नामक युवक ने अपनी प्रेमिका ऋतुजा को राजपत्रित अधिकारी बनाने के लिए 22 मार्च को आयोजित परीक्षा से ठीक दो दिन पहले ही लीक हुआ मूल प्रश्नपत्र उपलब्ध करा दिया था।
सगे भाई को छोड़ गर्लफ्रेंड को दिया पेपर
हैरानी की बात यह रही कि गौरव का अपना सगा भाई भी इसी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो रहा था, लेकिन उसने भाई की मदद करने के बजाय केवल अपनी प्रेमिका ऋतुजा को प्रश्नपत्र सौंपा। लीक प्रश्नपत्र की मदद से ऋतुजा ने परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और संपूर्ण महाराष्ट्र में 7वीं रैंक प्राप्त कर चयन सूची में अपना (MPSC paper leak case) स्थान सुरक्षित कर लिया। असली ड्रामा परिणाम घोषित होने के उपरांत शुरू हुआ, जब दोनों के रिश्तों में अचानक कड़वाहट आ गई।
अफसर बनते ही शादी से किया इनकार
चयन होते ही ऋतुजा ने गौरव से विवाह करने से साफ मना कर दिया। प्रेमिका की इस बेवफाई और टीस ने गौरव के भीतर बदले की आग भड़का दी। प्रतिशोध में गौरव ने MPSC मुख्यालय को एक गोपनीय ईमेल भेजकर पूरे पेपर लीक रैकेट का सिलसिलेवार ब्योरा साझा कर दिया। बाद में पुलिस कार्रवाई और कारावास के भय से उसने 26 जुलाई को दूसरा ईमेल भेजकर इसे ‘मजाक’ बताने का प्रयास किया, लेकिन तब तक कानून के हाथ हरकत में आ चुके थे।


