नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्र प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान मुंबई में पुलिस वैन के समक्ष निडरता से खड़े होने वाली छात्रा रिया अहीर ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी। रिया ने कहा, “मैंने ही मुंबई में पुलिस वैन को रोककर 20 निर्दोष विद्यार्थियों को गैर-कानूनी हिरासत में जाने से बचाया था। उस साहसिक (Riya Ahir who stopped police van) कदम के बाद से ही मुझे लगातार मानसिक एवं प्रशासनिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।”
रिया ने इसे साधारण ट्रोलिंग न मानकर गंभीर अपराध करार दिया और आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर भ्रामक व आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद 5 अगस्त तक उन्हें प्राथमिकी (FIR) की प्रति प्राप्त नहीं हुई है।
Riya Ahir who stopped police van – इसी क्रम में झारखंड की छात्रा नूतन ने प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाया, जबकि उत्तर प्रदेश की फराह नाज ने दिल्ली पुलिस पर जंतर-मंतर पर मारपीट करने, पहचान के आधार पर प्रताड़ित करने और 3 घंटे तक अनुचित हिरासत में रखने के संगीन आरोप लगाए।
संविधान और देश के भविष्य के लिए लड़े युवा
छात्रों के बयानों के उपरांत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पर संघर्षरत युवाओं के साहस की सराहना की। राहुल गांधी ने कहा, “दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन करने वाले मेधावी युवाओं के साथ मेरी विस्तृत बैठक हुई है। सर्वप्रथम मैं देश के ऐसे हजारों युवाओं का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ जो देश की पारदर्शी शिक्षा प्रणाली, पवित्र संविधान और भारत के उज्ज्वल भविष्य की रक्षा के लिए निडरता से संघर्ष कर रहे हैं।”


