नई दिल्ली: पेपर लीक के राष्ट्रीय मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मंगलवार को विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि पेपर लीक पर विपक्षी पार्टियों का दोहरा मापदंड पूरी तरह बेनकाब हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि कर्नाटक और झारखंड में लगातार हो रहे (congress’s double attitude on paper leak) पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन पर विपक्ष खामोश क्यों है?
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि झारखंड में हजारों छात्र प्रतिदिन सोशल मीडिया और सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं, किंतु कांग्रेस पार्टी प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में एक शब्द भी नहीं बोल रही है। संसद में भी यह विषय नहीं उठाया जा रहा है, क्योंकि यह केवल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए किया जा रहा ‘सिलेक्टिव आक्रोश’ है।
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संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध पर चिंता जताते हुए संबित पात्रा ने कहा कि एक-एक सत्र पर देश के करोड़ों रुपये खर्च होते हैं, लेकिन जब से सदन शुरू हुआ है, संसद में प्रश्नकाल तक नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और ‘INDIA’ गठबंधन के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण किसी भी महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा नहीं हो पा रही है।
congress’s double attitude on paper leak – पात्रा ने कर्नाटक पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि जब मंत्री प्रियांक खरगे से नैतिक जिम्मेदारी लेने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने छात्रों को 25 दिन भूख हड़ताल करने देने और फिर लाठीचार्ज कराने की बात कही। उन्होंने कटाक्ष किया कि इस पूरे विषय पर राहुल गांधी आज भी पूरी तरह मौन हैं।


