नई दिल्ली/वाशिंगटन: अमेरिकी समाचार पत्र ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट की हेडलाइन पर भारत ने कड़ी और सार्वजनिक आपत्ति दर्ज कराई है। अमेरिका में स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि अखबार द्वारा इस्तेमाल किया गया “Pakistani Kashmir” शब्द पूरी (Indian embassy’s befitting reply) तरह से भ्रामक, तथ्यात्मक रूप से गलत और ऐतिहासिक सत्य के विपरीत है।
भारतीय दूतावास का कड़ा रुख
भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में भारत के दशकों पुराने और सुस्पष्ट रुख को दोहराते हुए कहा, “जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र-शासित प्रदेश भारत के अभिन्न, अविभाज्य और अटूट हिस्सा थे, हैं और सदैव रहेंगे।” दूतावास ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि पड़ोसी देश ने इन भारतीय भू-भागों के कुछ हिस्सों पर जबरन और अवैध कब्जा कर रखा है तथा वहां के नागरिकों के खिलाफ लगातार हिंसा और दमनकारी नीतियों का सहारा ले रहा है। दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने स्थानीय चुनावों से जुड़ी अपनी रिपोर्ट की हेडलाइन में “Clashes Erupt in Pakistani Kashmir as Voting in Local Election Begins” लिखा था, जिसे भारतीय कूटनीति ने तुरंत खारिज कर दिया।
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी का प्रदर्शन
यह पूरा विवाद ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की उस रिपोर्ट से उभरा है जिसमें पाकिस्तान के गैर-कानूनी कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थानीय जनता द्वारा किए जा रहे बड़े पैमाने के विरोध-प्रदर्शनों और हिंसक झड़पों को कवर किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, PoK में जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के नेतृत्व में आम नागरिक सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इस जन-आक्रोश की मुख्य वजह क्षेत्र में चरम पर पहुंची महंगाई, बदहाल आर्थिक स्थिति और (Indian embassy’s befitting reply) पाकिस्तानी प्रशासन का वहां के स्थानीय मामलों व चुनावों में अनैतिक राजनीतिक हस्तक्षेप है।


