लुधियाना नगर निगम एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गया है। हाल ही में एस.ई. संजय केवर के मामले के बाद अब जोन-बी में तैनात एस.ई. प्रवीन सिंगला पर करोड़ों रुपये के टेंडर घोटाले का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता राजिंद्र पाल सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लिखित शिकायत भेजकर इस (game of giving contracts to relatives) पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायत में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि एस.ई. प्रवीन सिंगला पिछले 26 वर्षों से एक ही शहर में तैनात हैं और ज्यादातर समय जोन-बी में ही जमे रहे हैं। आरोप है कि भारी राजनीतिक संरक्षण के चलते इनका कोई भी बड़े स्तर पर तबादला नहीं करवा पाया। सरकारें बदलने के बावजूद इनका रसूख बरकरार रहा है।
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शिकायतकर्ता का दावा है कि प्रवीन सिंगला ने अपने रिश्तेदारों और चहेते लोगों की कंपनियों के जरिए एक ‘गैंग’ बना रखा है। आरोप है कि टेंडर जारी होने से पहले ही एस्टीमेट को इस तरह तैयार किया जाता है कि फायदा केवल इन चुनिंदा कंपनियों को ही मिले। शिकायतकर्ता ने रिश्तेदारों की कंपनियों के नाम और उनके फंड्स का पूरा ब्योरा मुख्यमंत्री को सौंपा है और पिछले 10 वर्षों के रिकॉर्ड की जांच की मांग की है।
game of giving contracts to relatives – इन गंभीर आरोपों पर एस.ई. प्रवीन सिंगला ने अपना बचाव करते हुए सभी दावों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा, “मुझ पर लगे सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें हेरफेर की कोई गुंजाइश नहीं है।” सिंगला ने संकेत दिया कि यह उनके खिलाफ किसी निजी खुंदक या राजनीतिक रंजिश का परिणाम हो सकता है।


