कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नवगठित भाजपा सरकार के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को उनकी नई जिम्मेदारियों का अहसास कराया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम ने स्पष्ट किया कि अब पार्टी विपक्ष में नहीं है, इसलिए उसके काम करने (role of opposition is over) का नजरिया और फैसले पूरी तरह से अलग होने चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को ‘सामूहिक नेतृत्व’ और ‘सबको साथ लेकर चलने’ का मूल मंत्र दिया।
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role of opposition is over – मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर आने वाली चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में सरकारी अधिकारियों का एक वर्ग ऐसा है जो बीजेपी सरकार की नीतियों को लागू करने में नकारात्मक सोच रखता है। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की नीतियों को निचले स्तर के अधिकारियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए और जो कर्मचारी नकारात्मक सोच रखते हैं, उन्हें सही दिशा में मोड़ने की आवश्यकता है।
‘मेरे कंधों पर जिम्मेदारी’
पीएम मोदी के नेतृत्व और बंगाल के राजनीतिक मिजाज पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुख्यमंत्री के रूप में इन उम्मीदों पर खरा उतरने की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर है।” उन्होंने याद दिलाया कि 34 साल के वामपंथी और 15 साल के टीएमसी शासन के बाद बीजेपी को जनादेश मिला है। ऐसे में पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाना, प्रधानमंत्री की गारंटियों को पूरा करना और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।


