रोम/नई दिल्ली : जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 मई को रोम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को पारले (Parle) की ‘मेलोडी’ (Melody) टॉफी का एक पैकेट भेंट किया, तो यह ऐतिहासिक पल किसी मजेदार इंटरनेट मजाक जैसा लगा, जो सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया से निकलकर सीधे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के शीर्ष मंच तक पहुंच गया। “मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है?” — यह आइकॉनिक विज्ञापन टैगलाइन लंबे समय से भारत में इस टॉफी की मुख्य पहचान रही है। लेकिन अब, रोम के इस कूटनीतिक वाकये के बाद मेलोडी भारत की बढ़ती मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और मजबूत (Modi-Meloni Melody Moment) एक्सपोर्ट ताकत का भी एक बड़ा वैश्विक प्रतीक बन गई है।
📱 कैमरे के सामने मेलोनी बोलीं—’बहुत-बहुत अच्छी टॉफी
दरअसल, दोनों वैश्विक नेताओं के नामों को रचनात्मक रूप से मिलाकर बना ‘Melodi’ (मोदी + मेलोनी) मीम साल 2023 के नई दिल्ली जी20 शिखर सम्मेलन के बाद से ही इंटरनेट और सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। जब पीएम मोदी ने इस बार द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान मेलोनी को यह भारतीय टॉफी दी, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कैमरे के सामने हिंदी लहजे में कहा, “बहुत-बहुत अच्छी टॉफी।” इसके तुरंत बाद दोनों नेताओं का यह हंसता हुआ वीडियो बिजली की तेजी से पूरे इंटरनेट पर फैल गया।
💰 1 रुपये की आम टॉफी बनी भारत की नई वैश्विक पहचान
अतीत की बात करें तो, अमूमन वैश्विक नेता अंतरराष्ट्रीय दौरों पर अपने देश की अनूठी पहचान दिखाने के लिए महंगी घड़ियां, दुर्लभ पारंपरिक हस्तशिल्प कलाकृतियां या बेशकीमती वाइन जैसे शाही तोहफे एक-दूसरे को देते रहे हैं। लेकिन भारत के प्रधानमंत्री ने इस रूढ़ि को तोड़ते हुए महज 1 रुपये में मिलने वाली एक ऐसी (Modi-Meloni Melody Moment) साधारण टॉफी को चुना, जिसे भारत के सुदूर गांवों से लेकर महानगरों तक हर वर्ग के लोग गहराई से पहचानते हैं।


