90 के दशक में टीवी स्क्रीन पर पारले की मेलोडी टॉफी (Melody Toffee) के विज्ञापन ने जबरदस्त धूम मचाई हुई थी। इस विज्ञापन में एक बेहद सीधा, मासूम और मजेदार सवाल पूछा जाता था—”मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है?” और इसके जवाब में सस्पेंस छोड़ते हुए कहा जाता था—”मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ।” उन्हीं मीठी यादों का हिस्सा (PM Modi Meloni viral video) रही पारले की यह मशहूर मेलोडी टॉफी आज अचानक फिर से देश-दुनिया में जबरदस्त चर्चा का विषय बन गई है। इसकी वजह बेहद खास है—भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को इस टॉफी का पैकेट गिफ्ट करना।
📹 इंटरनेट पर लोग बोले—”मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है?”
हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक दिलचस्प वीडियो तेजी से वायरल हुआ है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने इटली दौरे के दौरान वहां की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को बेहद दोस्ताना अंदाज में ‘Melody’ टॉफी का एक पैकेट भेंट करते नजर आए। इस वीडियो के इंटरनेट पर सामने आते ही मीम्स की बाढ़ आ गई और आम लोगों के बीच अपने बचपन की पुरानी यादें ताजा हो गईं।
🏭 कौन बनाता है मेलोडी टॉफी और क्या है इसका इतिहास?
मेलोडी की निर्माता कंपनी ‘Parle Products’ है, जिसका इतिहास बेहद समृद्ध है। इस स्वदेशी कंपनी की शुरुआत साल 1929 में मुंबई के विले पारले इलाके में एक छोटे से कारखाने के रूप में हुई थी। चौहान परिवार द्वारा शुरू की गई इस कंपनी ने शुरुआती दिनों में केवल हाथ से बनी तरह-तरह की मिठाइयां और टॉफियां बनानी शुरू की थीं। इसके बाद, साल 1939 में कंपनी ने बिस्किट बनाने के कारोबार में कदम रखा और पार्ले-जी (Parle-G) जैसे दुनिया के (PM Modi Meloni viral video) सबसे लोकप्रिय बिस्किट के जरिए घर-घर में अपनी अटूट पहचान बनाई।


