जालंधर : पंजाब के जालंधर शहर के एम.एस. फार्म रोड स्थित कमल विहार कॉलोनी और उसके आसपास के रिहायशी इलाकों से एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। यहाँ बिजली बोर्ड (पावरकॉम) ने नगर निगम द्वारा चलाई जा रही अवैध स्ट्रीट लाइटों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए उनके कनेक्शन काटने शुरू कर दिए हैं। इस (Jalandhar Powercom Action) अचानक हुई कार्रवाई से नगर निगम के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि बिना किसी आधिकारिक मंजूरी और बिना मीटर के सीधे लाइनों से बिजली खींची जा रही थी, जिस पर बिजली बोर्ड ने अब कड़ा संज्ञान लिया है।
Jalandhar Powercom Action – विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ साल पहले नगर निगम ने स्मार्ट सिटी कंपनी के माध्यम से पूरे जालंधर शहर में आधुनिक एल.ई.डी. (LED) स्ट्रीट लाइट सिस्टम लगवाया था। इस महत्वकांक्षी योजना के तहत शहर भर में लगभग 73 हजार लाइट प्वाइंट्स स्थापित किए गए थे। लेकिन योजना में भारी लापरवाही बरती गई; तारों, मीटरों और अन्य जरूरी तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर उचित खर्च नहीं किया गया, जिससे यह पूरा स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट कथित तौर पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।
बिना मीटर के चल रही थीं 73 हजार लाइटें
हैरानी की बात यह है कि पिछले डेढ़ से दो सालों में, नगर निगम के अधिकारियों ने पार्षदों के दबाव में जगह-जगह नई स्ट्रीट लाइटें लगाने पर जोर तो दिया, लेकिन बुनियादी सिस्टम में कोई सुधार नहीं किया। न तो बिजली बोर्ड से वैध कमर्शियल कनेक्शन के लिए कोई नया आवेदन किया गया और न ही इन खंभों पर मीटर लगवाए गए। नतीजतन, आज भी अधिकांश स्ट्रीट लाइटें अवैध कुंडी कनेक्शन के जरिए सीधे मेन लाइन से चल रही हैं, जिससे सारा वित्तीय और तकनीकी लोड बिजली बोर्ड पर आ गया है।


