मध्य प्रदेश के सबसे संवेदनशील और ऐतिहासिक धार भोजशाला विवाद पर उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने शुक्रवार को ‘महा-फैसला’ सुना दिया। जस्टिस विजय शुक्ला की सिंगल बेंच ने याचिकाओं पर (Maa Saraswati temple in Dhar) अंतिम आदेश सुनाते हुए यह साफ कर दिया है कि भोजशाला भवन का धार्मिक चरित्र ‘मां वाग्देवी सरस्वती जी’ के मंदिर का है। कोर्ट ने विधिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पक्षों का गहन परीक्षण करने के बाद यह महत्वपूर्ण ऑर्डर पास किया है।
🛡️ सरकार का पक्ष और शांति की अपील
महाधिवक्ता कार्यालय के माध्यम से कोर्ट में सरकार का पक्ष बेहद मजबूती से रखा गया। महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार इस फैसले को किसी की ‘जीत या हार’ के चश्मे से नहीं देखती। उन्होंने कहा कि सालों से वहां भारी पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ती थी और तनाव के कारण पहले कई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं भी हुईं। अब इस स्पष्ट निर्णय के बाद प्रदेश में शांति, सामाजिक समरसता और सौहार्द का माहौल मजबूत होगा।
🔍 मूर्तियों और शिलालेखों ने तय किया धार्मिक स्वरूप
उच्च न्यायालय का यह फैसला आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) की वैज्ञानिक रिपोर्ट पर आधारित है। सर्वे के दौरान परिसर के अंदर भगवान विष्णु सहित विभिन्न देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां, अष्टकमल की (Maa Saraswati temple in Dhar) आकृतियां और प्राकृत-संस्कृत भाषा में लिखे दुर्लभ शिलालेख मिले थे। इन साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने माना कि भोजशाला भवन ‘Ancient Monuments Preservation Act, 1958’ के तहत संरक्षित है और इसका मूल चरित्र मंदिर का ही है।
📍 फैसले के प्रमुख बिंदु: लंदन से मूर्ति वापसी और अन्य व्यवस्थाएं
-
-
वाग्देवी का मंदिर: हाई कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर माना कि ऐतिहासिक भोजशाला का धार्मिक स्वरूप मां वाग्देवी सरस्वती का मंदिर है।
-
-
-
संरक्षित स्मारक: कोर्ट ने कहा कि यह 1904 से एक संरक्षित पुरातात्विक स्मारक है।
-
-
-
लंदन से प्रतिमा वापसी: लंदन के म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा को वापस लाने की मांग पर कोर्ट ने कहा कि यह मामला केंद्र सरकार के पास विचाराधीन है और वे कानून के मुताबिक फैसला लेंगे।
-
-
-
भूमि आवंटन का विकल्प: कोर्ट ने दूसरे पक्ष के लिए व्यवस्था दी है कि यदि वे अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए किसी भवन का निर्माण करना चाहते हैं, तो राज्य सरकार को आवेदन दे सकते हैं, जिस पर विधिसम्मत निर्णय लिया जाएगा।
-


