Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • बंगाल में भर्ती घोटालों की जांच तेज: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने भ्रष्ट अधिकारियों पर मुकदमा चलाने की दी मंजूरी
    • तमिलनाडु में ‘थलपति’ विजय की सरकार सुरक्षित, कांग्रेस और AIADMK बागियों ने दिया साथ
    • सोनिया गांधी मेदांता अस्पताल में भर्ती, रूटीन चेकअप के बाद वापस दिल्ली लौटीं
    • सुवेंदु अधिकारी ने चुनी भवानीपुर सीट, नंदीग्राम छोड़ेंगे; विधानसभा में ली विधायक पद की शपथ
    • ऊर्जा संरक्षण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा फैसला, उत्तराखंड में मंत्रियों और अफसरों को भी निर्देश
    • हरिद्वार के प्रतिबंधित क्षेत्र में नॉनवेज डिलीवरी पर बवाल, नगर निगम ने रैपिडो को दी चेतावनी
    • Balaghat News: शादी की रात प्रेमिका ने बिछाया मौत का जाल, तरुण हत्याकांड में दुल्हन गिरफ्तार
    • Meerut News: नशे में धुत सिपाहियों ने ढाबे पर की मारपीट, SSP ने दोनों पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Wednesday, May 13
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » ज्येष्ठ माह शुरू; बड़ा मंगल से लेकर शनि जयंती तक, जानें इस महीने के प्रमुख व्रत-त्योहार और महत्व

    ज्येष्ठ माह शुरू; बड़ा मंगल से लेकर शनि जयंती तक, जानें इस महीने के प्रमुख व्रत-त्योहार और महत्व

    May 2, 2026 धार्मिक 2 Mins Read
    Jyeshtha month starts
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में ज्येष्ठ माह की शुरुआत 2 मई यानी आज शनिवार से हुई है, जो 31 मई तक चलेगा. दरअसल, इस बार अधिकमास का संयोग बना है तो जेष्ठ दो महीने चलेंगे. यह हिंदू कैलेंडर का तीसरा महीना है और अपनी भीषण गर्मी के लिए जाना जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ का महीना जल के संरक्षण (Jyeshtha month starts) और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का संदेश देता है. इसी महीने में गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी जैसे महान पर्व आते हैं, जो हमें संयम और दान का महत्व समझाते हैं.

    सूर्य और वरुण देव की उपासना का विशेष महत्व

    ज्येष्ठ के महीने में सूर्य देव और वरुण देव की पूजा का सबसे अधिक विधान है क्योंकि इस समय गर्मी अपने चरम पर होती है इसलिए जल के देवता वरुण देव की आराधना करना और प्यासे जीवों को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है. शास्त्रों में उल्लेख है कि इस महीने में सूर्य देव का प्रभाव बहुत बढ़ जाता है, जिससे प्रकृति में जल की कमी होने लगती है. ऐसे में जल की बर्बादी न करना और जलाशयों की सफाई करना एक धार्मिक कर्तव्य बन जाता है.

    हनुमान जी और शनि देव की कृपा पाने का समय

    ज्येष्ठ महीने में हनुमान जी और शनि देव की पूजा का भी गहरा संबंध है. धार्मिक कथाओं के अनुसार इसी महीने के बड़े मंगल को हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है क्योंकि इसी दौरान उनकी मुलाकात पहली (Jyeshtha month starts) बार भगवान राम से हुई थी. साथ ही, ज्येष्ठ अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाती है, जो शनि देव के जन्मोत्सव का प्रतीक है.

    ज्येष्ठ माह के प्रमुख नियम और दान का फल

    खान-पान और आराम: सेहत का ख्याल रखने के लिए इस महीने में एक समय हल्का और सादा खाना खाना चाहिए. साथ ही, दिन के समय सोने से बचने की सलाह दी जाती है.

    ठंडी चीजों का दान: चिलचिलाती गर्मी से राहत देने वाली चीजों, जैसे पानी से भरा घड़ा, पंखा, छाता और सत्तू का दान करना इस समय बहुत शुभ होता है.

    निर्जला एकादशी की महिमा: ज्येष्ठ की निर्जला एकादशी का व्रत सबसे बड़ा माना गया है. बिना पानी पिए यह व्रत रखने से साल की सभी एकादशियों का पुण्य मिल जाता है.

     

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    अपरा एकादशी के दिन पूजा में जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान विष्णु पूरे करेंगे सभी मनोरथ

    PM Modi Somnath Visit: सोमनाथ मंदिर में पीएम मोदी ने किया कुंभाभिषेक, गूंजा ‘हर-हर महादेव’

    शनि जयंती पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां; शनि देव हो सकते हैं नाराज, जानें पूजा के कठोर नियम

    कुंडली में सूर्य के कमजोर होने से आती हैं ये समस्याएं; सूर्य को मजबूत करने के लिए सरल समाधान

    कौन हैं अष्ट वसु, 11 रुद्र और 12 आदित्यों की माता? जानें सनातन धर्म में सृष्टि की इन महान जननियों की कथा

    Vat Savitri Vrat: 16 मई को है वट सावित्री पूजा; जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पौराणिक कथा

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.