इंदौर : लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान कांग्रेस छोड़कर बीजेपी ज्वाइन करने वाले अक्षय कांति बम की मुश्किलें कम होती दिख रही हैं. सुप्रीम कोर्ट ने अक्षय कांति बम और उनके पिता के खिलाफ लगी (supreme court removed section 307) धारा 307 हटाने का आदेश दिया है.
लोकसभा चुनाव के दौरान ज्वाइन की थी बीजेपी
लोकसभा चुनाव में इंदौर सीट से अक्षय कांति बम को कांग्रेस ने प्रत्याशी बनाया था. लेकिन ऐन मौके पर अक्षय कांति बम बीजेपी नेताओं से मिल गए. उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली. इंदौर सीट से कांग्रेस को दूसरा प्रत्याशी घोषित करने का टाइम नहीं मिला था. इस प्रकार इंदौर से बीजेपी की एकतरफा जीत हुई थी. कुछ दिनों बाद एक पुराने मामले में अक्षय कांति बम के खिलाफ 307 जैसी गंभीर धाराएं जोड़ी गई. बम ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर बम ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई.
मामला साल 2007 का, बाद में जोड़ी धारा 307
भाजपा नेता अक्षय कांति बम ने अपने और अपने पिता के खिलाफ दर्ज की गई धारा 307 को लेकर अधिवक्ता अभिनव मल्होत्रा के माध्यम से याचिका लगवाई. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बम के अधिवक्ता अभिनव मल्होत्रा ने कई दलीलें पेश की. दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भाजपा नेता अक्षय और उनके पिता (supreme court removed section 307) के खिलाफ लगी 307 धारा को हटाने के आदेश दिए. अधिवक्ता अभिनव मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया “4 अक्टूबर 2007 का यह पूरा घटनाक्रम था, उस समय पुलिस द्वारा धारा 307 के तहत प्रकरण दर्ज नहीं किया गया.”

