पहाड़ी राज्यों पर बारिश कहर बनकर बरस रही है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश ने खूब तबाही मचाई है. दोनों राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से बाढ़ के हालात बने हुए हैं. अलग-अलग इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं और लोगों के घरों तक में पानी घुस गया है. हिमाचल के अलग-अलग जिलों से अब (98 deaths 387 roads block) तक बादल फटने कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं.

हिमाचल प्रदेश को पिछले महीने 20 जून को आए मानसून के बाद से एक अगस्त तक बारिश के चलते 1,678 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक बारिश के दौरान हुई घटनाओं में 98 लोगों की मौत हो चुकी है और 37 लोग अभी भी लापता हैं. यही नहीं लगभग 1526 लोगों के आशियाने उजड़ गए. हिमाचल में अब तक बाढ़ के चलते 47 घटना सामने आ चुकी हैं, जिनमें से 28 बादल फटने और बिजली गिरने की शामिल हैं.  

हिमाचल के ऊना में शुक्रवार को रात भर भारी बारिश हुई. इससे कई इलाकों में पानी भर गया, जिसके बाद लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा. शनिवार को चंडीगढ़-धर्मशाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी कई स्थानों पर जलभराव हुआ. इस दौरान घरों में लगभग 10-10 फीट तक पानी भर गया, जिसकी वजह से लोग अपनी छतों पर रहने को मजबूर हो गए. ऊना में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं.  

98 deaths 387 roads block  – यही नहीं हमीरपुर में सुजानपुर टीरा के पास नदी पर बने पुल के एक हिस्से में दरारें आ गईं. ऐसे में पानी का स्तर बढ़ने से सुजानपुर टीरा और सैंडहोल के पास खैरी के बीच सड़कें ब्लॉक हो गईं. राज्य में चंडीगढ़-मनाली, मनाली-लेह, औट-लुहरी और खाब-ग्राम्फू समेत 387 सड़कें ब्लॉक हो गईं. इन सड़कों में से सबसे ज्यादा 187 सड़कें मंडी और 68 कुल्लू की सड़कें हैं.

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