
एएसबीएस तकनीक से बना पुल
– फोटो : अमर उजाला
रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) की ओर से डिजाइन और विकसित शॉर्ट स्पैन ब्रिजिंग सिस्टम (एसएसबीएस) से सेना की विदेश पर निर्भरता खत्म हो गई है।
कुछ ही घंटों में 300 मीटर तक लंबा और चार मीटर चौड़ा पुल तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला सामान अब देश में ही बनने लगा है। पहले इसके स्पेयर पार्ट्स रूस और चेकोस्लोवाकिया से आयात किए जाते थे, लेकिन अब डीआरडीओ के सहयोग से देश में ही एलएंडटी कंपनी इनका निर्माण कर रही है।
खास बात यह है कि भारतीय सेना इन उत्पादों को एमएसएमई के तहत खरीदने की तैयारी कर रही है, ताकि मध्यम और लघु उद्योगों की आर्थिकी भी सुदृढ़ रहे। शॉर्ट स्पैन ब्रिजिंग सिस्टम डीआरडीओ इंजीनियरिंग लैब के रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट विंग ने तैयार किया है।
जीरकपुर स्थित खड़का सैपर्स इंजीनियर ब्रिगेड में प्रशिक्षण के लिए सेना स्वदेशी उत्पादों का इस्तेमाल कर रही है। ब्रिगेड के कर्नल धीरज पोहड़ ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के तहत अब सेना कई चीजों के लिए विदेश पर निर्भर नहीं रही है। ड्रोन से लेकर शॉट स्पैन ब्रिजिंग सिस्टम तक भारत में बनने लगे हैं।