हिंदू पंचांग के अनुसार संकष्ट चतुर्थी भगवान गणेश का एक पर्व है जो हर महीने मनाया जाता है. इसे संकष्ट चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है. यह संकष्ट चतुर्थी पूर्णिमा के चौथे दिन पड़ती है. यदि यह (relief from burden of debt) संकष्ट चतुर्थी मंगलवार को पड़ती है, तो इसे अंगारका संकष्ट चतुर्थी कहा जाता है. यही नहीं, ये साल में पड़ने वाली सकट चतुर्थी भी है. दरअसल, वर्ष की शेष संकष्ट चतुर्थियों में से अंगारका संकष्ट चतुर्थी को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है.
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इस दिन महिलाएं अपने बच्चों की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं. इस वर्ष शुभ संकष्टी चतुर्थी का व्रत मंगलवार यानी 6 जनवरी को रखा जा रहा है. विद्वानों का कहना है कि यह दिन बहुत ही दुर्लभ है. इस दिन की जाने वाली पूजा विधि और व्रत के फल के बारे में पूरी जानकारी यहां प्राप्त करें.
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relief from burden of debt – आज सुबह 11:37 बजे से कल बुधवार 7 तारीख तक संकट हरने वाली चतुर्थी मनाई जाएगी. यह चतुर्थी उस दिन मनाई जाती है जब चतुर्थी तिथि को चंद्रमा उदय होता है. मंगलवार को पड़ने वाले इस दिन को अंगारका संकट हर चतुर्थी कहा जाता है. इसके साथ ही भाद्रकाल भी होता है. भाद्रकाल पूजा-अर्चना या शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं होता इसलिए विद्वानों का कहना है कि भाद्रकाल में पूजा-अर्चना या संकल्प आदि नहीं करना चाहिए.
