रायपुर : कोंडागांव की योगिता मंडावी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया है. उन्हें यह सम्मान जूडो खेल में उतकृष्ट प्रदर्शन को लेकर दिया गया है. मात्र 13 वर्ष की आयु में योगिता मंडावी ने राज्य की श्रेष्ठ जूडो खिलाड़ी का दर्जा प्राप्त किया. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में (national children award) लगातार पदक अर्जित कर अपनी निरंतर प्रगति और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया. नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने योगिता मंडावी को यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया है.
इसे भी पढ़ें – उज्ज्वला योजना में बड़ा बदलाव, अब दोपहिया वाहन वाले परिवार भी होंगे पात्र
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस अवसर पर वीर बाल दिवस के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि साल 2022 से, आज के दिन, हम सभी देशवासी, ‘वीर बाल दिवस’ मनाते हैं. क्या आप जानते हैं कि आज हम वीर बाल दिवस क्यों मनाते हैं? इसके पीछे हमारे इतिहास का एक बहुत ही प्रेरक अध्याय है. लगभग 320 वर्ष पूर्व, सिख पंथ के दसवें गुरु और सभी भारतवासियों के लिए पूजनीय, गुरु गोविंद सिंह जी और उनके चारों बेटों ने सत्य और न्याय के पक्ष में युद्ध और संघर्ष करते हुए बलिदान दिया था.
इसे भी पढ़ें – इंटरस्टेट देह व्यापार : फ्लाइट से आती थीं युवतियां, होटल से सेट होते थे ग्राहक, तीन पर मामला दर्ज
national children award – राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आगे कहा कि आज ही के दिन हम उनके दो सबसे छोटे साहिबज़ादों का स्मरण करते हैं जिनकी वीरता का सम्मान देश-विदेश में किया जाता है. उनका नाम बहुत आदर के साथ लिया जाता है. केवल नौ साल के बाबा जोरावर सिंह जी और उनसे भी छोटे, सात साल के बाबा फतेह सिंह जी ने निडरता और साहस का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया था. जीते-जी उनके सभी ओर दीवारें बना दी गईं और वे हवा और प्रकाश के अभाव में वीर-गति को प्राप्त हुए.

