यूक्रेन और रूस की जंग से दुनिया पर मंडरा रहे बारूदी बादल अब किसी भी समय बरस सकते हैं और ये सिर्फ इसलिए नहीं कहा जा रहा है क्योंकि यूरोप और अमेरिका युद्ध भड़काने की तैयारी कर रहे हैं, बल्कि इसका कारण है एक ऐसी घटना जिसने न्यूक्लियर तबाही को आमंत्रण दे दिया है. हालांकि इसमें कोई न्यूक्लियर हथियार (will fukushima chapter be started) का इस्तेमाल नहीं होगा, लेकिन हथियार बन जाएगा यूरोप का सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर प्लांट.
यूक्रेन-रूस के बीच संघर्ष और भीषण हो गया है, तो दूसरा असर ये है कि यूक्रेन पर रूस कम क्षमता वाले हमले कर रहा है यानी एक तरफ हमले की गति बढ़ी है तो दूसरी तरफ विनाशकारी हथियारों के इस्तेमाल से परहेज किया जा रहा है, तो क्या भविष्य की व्यापक जंग में उतरने के लिए रूस-यूक्रेन अपने घातक हथियार बचा रहे हैं और अगर ये सच है? तो फिर मौजूदा टकराव में रूस-यूक्रेन एक-दूसरे से बढ़त कैसे बनाएंगे? इन सभी सवालों का एक ही जवाब है बड़े घातक हमलों के बिना भीषण तबाही.
will fukushima chapter be started – जेपोरिजिया को इस समय जिस अंधेरे ने घेर रखा है. वो शांति के उजाले से पहले की खामोशी नहीं है, बल्कि एक ऐसे विनाशकारी धमाके के पहले का सन्नाटा है, जिसे दुनिया साक्षात देखेगी और इससे होने वाले विनाश को भी साक्षात अनुभव करेगी. यूक्रेन और रूस के युद्ध में टकराव की वो स्थिति है, जिसमें विनाशकारी हमलों के बिना नुकसान पहुंचाया जा सकता है, लेकिन सवाल ये है कि कौन, किसे नुकसान पहुंचाना चाहता है? क्या रूस न्यूक्लिर प्लांट से रेडिएशन फैलाकर सर्वनाश चाहता है या फिर यूक्रेन ZNPP से रेडिएशन फैलाकर विश्वयुद्ध की भूमिका तैयार करना चाहता है?

