गढ़वा : खाड़ी देशों (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध और भारी तनाव के चलते (teacher adopted a unique path) अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन दिनों कच्चे तेल की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस चौतरफा बढ़ती महंगाई और ईंधन के खर्च के बीच झारखंड के गढ़वा जिले से एक बेहद दिलचस्प और अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक सहायक शिक्षक ने रोज-रोज के पेट्रोल खर्च से तंग आकर अपनी बाइक खड़ी कर दी है और उसकी जगह घोड़े की सवारी शुरू कर दी है।

teacher adopted a unique path – गढ़वा जिले के धुरकी ब्लॉक स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्च विद्यालय टाटीदिरी में कार्यरत सहायक शिक्षक मुन्ना प्रसाद इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं। दरअसल, भारत सरकार के निर्देशानुसार वर्तमान में चलाए जा रहे राष्ट्रीय जनगणना और मकान सूचीकरण (House Listing) अभियान में उनकी विशेष ड्यूटी लगाई गई है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य के तहत उन्हें हर मौसम में गांव-गांव और सुदूर इलाकों में घर-घर जाकर नागरिकों का सटीक डाटा एकत्र करना पड़ रहा है, जिसके लिए उन्हें प्रतिदिन कई किलोमीटर का सफर तय करना होता है।

 सफेद यूनिफॉर्म और सरकारी टोपी पहनकर निकले घोड़े पर 

लेकिन पेट्रोल और डीजल के लगातार बढ़ते दामों ने शिक्षक मुन्ना प्रसाद के दैनिक घरेलू बजट के सामने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी थी। ऐसे में उन्होंने अपनी सूझबूझ से बाइक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया और घोड़े पर सफर करना शुरू कर दिया। अब वह अपनी पूरी गरिमा के साथ सफेद यूनिफॉर्म पहनकर, सिर पर सरकारी जनगणना की आधिकारिक टोपी लगाकर और गले में अपना पहचान पत्र  टांगकर सफेद घोड़े पर सवार होकर गांवों की गलियों में पहुंच रहे हैं।

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