उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेकिंग रूट से एक बेहद चिंताजनक और हैरान करने वाली खबर सामने आई है. यहाँ ट्रेकिंग के रोमांचक सफर पर निकली एक उच्च शिक्षित एमबीए (MBA) की (guide and manager in custody) छात्रा पिछले कई दिनों से रहस्यमय ढंग से लापता हो गई है. घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी घने जंगलों और बर्फीली चोटियों के बीच उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिल पाया है.
guide and manager in custody – उत्तराखंड पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की विशेष टीमें अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों और हेलीकॉप्टरों की मदद से चप्पे-चप्पे पर छात्रा की खोज कर रही हैं. जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है, प्रशासन की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं और मामला बेहद गंभीर होता जा रहा है. इस बीच, सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस ने दो स्थानीय लोगों को हिरासत में ले लिया है.
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बीच कैंप से ही गायब हुई बबीता पांडे
उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रैक पर हुई इस अप्रत्याशित घटना के बाद यात्रा का आयोजन करने वाली ट्रेकिंग एजेंसी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं और स्थानीय प्रशासन इसकी बारीकी से जांच कर रहा है. लापता 23 वर्षीय छात्रा की पहचान बबीता पांडे के रूप में हुई है, जो अपने दो करीबी दोस्तों के साथ पहाड़ों की सैर पर निकली थी.
गाइड और मैनेजर हिरासत में
लापता छात्रा बबीता पांडे की सुरक्षित घर वापसी के लिए उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर एक बेहद व्यापक और विशाल संयुक्त तलाशी अभियानचलाया जा रहा है. इस रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), स्थानीय जिला पुलिस, वन विभाग के ट्रैकर्स और आपदा प्रबंधन कर्मी पूरी ताकत से जुटे हुए हैं. इस दुर्गम पहाड़ी इलाके में चल रहे अभियान में 150 से अधिक ट्रेंड कमांडो और पर्वतारोही शामिल हैं.


