Close Menu
करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • BSF Attari Border News: अटारी सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी का नया शेड्यूल जारी; शाम 5:30 बजे शुरू होगी परेड
    • Batala Viral Video: गुरु नानक देव जी के विवाह पर्व में ट्रैक्टर स्टंट पड़ा भारी; तेज रफ्तार में पलटा ट्रैक्टर, वीडियो वायरल
    • Dubai Visa Fraud: 90 हजार में दुबई भेजा, छीना पासपोर्ट और मुर्गीखाने में रखा! जालंधर के पीड़ित ने सुनाई आपबीती
    • Amritsar Flooding Alert: तरनतारन रोड के पास नहर टूटने से मचा हड़कंप; मिट्टी की बोरियों से दरार भरने में जुटे स्थानीय लोग
    • Punjab Gold Silver Price Today: पंजाब में उछले सोना-चांदी के दाम; जालंधर में 24 कैरेट सोना ₹1.58 लाख के पार
    • Ferozepur Central Jail: केंद्रीय जेल फिरोजपुर में फिर चला तलाशी अभियान; 10 और मोबाइल फोन बरामद, कैदियों पर FIR दर्ज
    • Etah Fake University Scam: एटा में चायवाले के नाम पर चल रही थी फर्जी यूनिवर्सिटी; भेद खुला तो प्रिंसिपल ने रची खुद के अपहरण की साजिश
    • Bihar Flood Relief: सीएम सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दान दी एक महीने की सैलरी; नितिन नबीन ने भी दिए ₹6.35 लाख
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube
    Sunday, September 20
    • होम
    • राज्य
      • दिल्ली
      • उत्तर प्रदेश
      • उत्तराखण्ड
      • मध्य प्रदेश
      • छत्तीसगढ़
      • हिमांचल प्रदेश
      • पंजाब
      • झारखण्ड
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हरियाणा
      • गुजरात
      • महाराष्ट्र
      • जम्मू कश्मीर
    • देश
    • विदेश
    • मनोरंजन
    • खेल
    • टेक्नोलॉजी
    • धार्मिक
    • लाइफ स्टाइल
    करंट न्यूज़करंट न्यूज़
    Home » सुरंग से लोगों को निकालने में मलबा बना बड़ी मुसीबत

    सुरंग से लोगों को निकालने में मलबा बना बड़ी मुसीबत

    February 9, 2021 बड़ी खबर 3 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Email WhatsApp Copy Link

    Uttarakhand Disaster Update: चमोली जिले की चीन सीमा से लगे रैणी और तपोवन में बचाव दलों को टनल में भरे मलबे के कारण भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। तपोवन जल विद्युत परियोजना की जिस टनल-2 में 35 लोग फंसे हैं, वह 250 मीटर लंबी और नौ मीटर ऊंची है। टनल के सौ मीटर हिस्से में मलबा घुसा है। टनल का इसके आगे का हिस्सा कुछ ऊंचा बताया जा रहा है। इसलिए अंदर फंसे लोगों के सुरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है। बचाव दलों के सामने मुश्किल यह है कि, वह टनल के मुहाने से जितना मलबा हटा रहे हैं, उतना ही टनल के अंदर से मुहाने की तरफ आ रहा है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि, बचाव दल टनल के अंदर 100 मीटर तक पहुंच चुके हैं। नौ राज्यों के हैं आपदा में लापता लोग : राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक आपदा में जो 197 लोग लापता हैं, वे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, यूपी, बिहार, मप्र, पश्चिमी बंगाल, पंजाब, आसाम व उड़ीसा के रहने वाले हैं। यह सभी लोग ऋषि गंगा और तपोवन बिजली परियोजना के मजदूर और कर्मचारी हैं। मुख्यमंत्री की अफसरों के साथ बैठक : मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने सोमवार को आपदा के कारणों को लेकर अफसरों व विशेषज्ञों के साथ बैठक की। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि, सोमवार शाम तक जो बीस लोगों के शव बरामद किए गए हैं, उनसमें से दो की शिनाख्त हो चुकी है। इनमें एक देहरादून के डोईवाला और दूसरा स्थानीय गांव तपोवन का है। बाकी शवों की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।

    ग्लेशियर टूटने से नहीं हिमस्खलन से हुई तबाही

    Uttarakhand Disaster Update: चमोली जिले में तबाही ऋषिगंगा कैचमेंट एरिया में हुए हिमस्खलन की वजह से मची। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के वैज्ञानिकों ने सेटेलाइट डाटा के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। विशेषज्ञों के अनुसार इस क्षेत्र में हाल में गिरी बर्फ एक चोटी के हिस्से के साथ खिसक गई जिसने बड़े हिस्खलन का रूप ले लिया। इस वजह से लाखों मीट्रिक टन बर्फ और पहाड़ी का हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया, जिसने ऋषिगंगा घाटी में तबाही मचा दी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने सोमवार को बताया कि ऋषिगंगा में बाढ़ हिमस्खलन से आई। उन्होंने कहा, इसरो के निदेशक ने सेटेलाइज इमेज के आधार पर जानकारी दी है।

    अमेरिकी उपग्रह से भी डेटा लिया गया आपदा के कारण जानने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने अमेरिका की निजी सैटेलाइट प्लेनेट लैब से भी तस्वीरें ली हैं। यूएसडीएमए के विशेषज्ञ गिरीश जोशी ने बताया कि यह सेटेलाइट हाल ही में इस क्षेत्र से गुजरा है।

    Uttarakhand Disaster Update: ब्रिज बनाने की तैयारी रैणी गांव के पास स्थित जो मोटर पुल बह गया था, वहां बीआरओ वैली ब्रिज बनाने की तैयारी में जुट गया है। शिवालिक प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर एएस राठौर ने बताया कि, मौके पर मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। मौके से 100 मीटर आगे लोहे का वैलीब्रिज बनेगा।

    इसे भी पढ़े: उत्तर प्रदेश में एमएसएमई 1.20 करोड़ रोजगार देंगे

    13 गांवों में हेलीकॉप्टर से बांट रहे मदद आपदा के दौरान रैण का मोटर पुल समेत जो झूला पुल बह गए थे, उससे सीमांत के 13 गांवों के लोग अलग थलग पड़ गए। सोमवार को हेलीकॉप्ट की मदद से इन गांवों में राहत और खाद्य सामग्री पहुंचाई गई।

    इसे भी पढ़े: Uttarakhand glacier burst not as big as 2013 Kedarnath disaster: NDRF IG

    Ashok Gehlot ने Sachin Pilot को अपने साथ रखने के लिए नया दांव खेला

    Follow on Google News Follow on Facebook Follow on X (Twitter) Follow on YouTube Follow on WhatsApp
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email Telegram WhatsApp Copy Link

    Keep Reading

    पंजाब की बस सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीनों की खरीद को मंजूरी

    काकोरी कांड: 100 साल पहले जब क्रांतिकारियों ने ट्रेन रोक लूटा था सरकारी खजाना, हिल गई थी अंग्रेजी हुकूमत

    दिल्ली से दो जासूस अरेस्ट, PAK को भेजते थे खुफिया जानकारी

    अजान की आवाज से सिर दर्द होता है… बोले BJP विधायक बालमुकुंद आचार्य

    Teddy Day : अपने हाथों से टेडी बनाकर पार्टनर को करें गिफ्ट, इन ट्रिक्स को आजमाएं

    13 साल तक मौन, महाकुंभ में मौनी बाबा ने क्यों ली भू-समाधि?

    • Facebook
    • YouTube
    • WhatsApp
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube

    राज्य -  दिल्ली    उत्तर प्रदेश    उत्तराखण्ड    मध्य प्रदेश    छत्तीसगढ़    हिमांचल प्रदेश    पंजाब    झारखण्ड    बिहार   राजस्थान    हरियाणा

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.