सावन के पवित्र महीने में चल रही कांवड़ यात्रा 2026 के मध्य उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न जनपदों से हंगामे, मारपीट और तोड़फोड़ की दुखद तस्वीरें सामने आई हैं।

मेरठ, लखनऊ, गाजियाबाद तथा रुड़की में अलग-अलग स्थानों पर हिंसक झड़पें, पुलिस से मारपीट, वाहनों पर पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं घटित हुई हैं। इन घटनाओं के कई वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है और विधिक जांच शुरू कर दी है।

👮 मेरठ में सादे कपड़ों में पहुँचे पुलिसकर्मियों से मारपीट, जीप से निकालकर पीटा

सबसे गंभीर वारदात उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के दौराला थाना क्षेत्र में सामने आई।

हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे दो कांवड़ियों के बीच आपस में टक्कर हो गई थी, जिसके बाद एक बाइक सवार पर टक्कर मारने का आरोप लगा। सूचना मिलते ही सादे कपड़ों में दो पुलिसकर्मी शासकीय जीप से मौके पर पहुँचे। आरोप है कि संदिग्ध के चले जाने के बाद उत्तेजित कांवड़ियों ने पुलिसकर्मियों को जीप से खींचकर उनके साथ मारपीट की। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है।

🚌 लखनऊ में मासूमों से भरी स्कूल वैन पर पथराव, गाजियाबाद में 50 मिनट फंसी रही मरीज ले जा रही एंबुलेंस

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चरक चौराहे के पास बच्चों से भरी एक स्कूल वैन पर उपद्रवियों ने पथराव कर दिया, जिससे वैन के शीशे टूट गए और बच्चे डर के मारे चीखने-चिल्लाने लगे।

वहीं, गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ मार्ग पर एंबुलेंस से कांवड़ टकराने के बाद कांवड़ियों ने एंबुलेंस चालक की पिटाई कर दी और सड़क जाम कर दिया। इस हंगामे के कारण एंबुलेंस में मौजूद गंभीर मरीज सहित लगभग 1 किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा और एंबुलेंस 50 मिनट तक फंसी रही।

🚗 रुड़की में कार में तोड़फोड़, पुलिस ने सीसीटीवी और फॉरेंसिक साक्ष्यों से शुरू की जांच

उत्तराखंड के रुड़की में भी हरिद्वार से लौट रहे कांवड़ियों की गाड़ी से टक्कर होने पर एक कांवड़ क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने कार में भारी तोड़फोड़ की।

बाद में पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित किया और बताया कि क्षतिग्रस्त कार में भी कांवड़िए ही सवार थे। मेरठ, लखनऊ, गाजियाबाद और रुड़की पुलिस ने वायरल वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

❓ कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

लगातार घटित हो रही इन अप्रिय घटनाओं ने यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस प्रबंधन पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

धार्मिक यात्राओं के दौरान यदि कोई विवाद स्थिति उत्पन्न भी होती है, तो उसका समाधान विधिक दायरे में किया जाना चाहिए। सार्वजनिक सड़कों पर हिंसा, पथराव और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को रोकना न केवल आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है, बल्कि यह यात्रा की पवित्रता को भी प्रभावित करता है।

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