पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में निवास पत्र को लेकर आपत्ति के बाद अब यूपी में भी चुनाव आयोग की ओर से सामान्य निवास प्रमाणपत्र को स्वीकार नहीं किया जा रहा है. इससे मतदाताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं, हालांकि पश्चिम बंगाल में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन हो गया है और अब सुनवाई का दौर (up voter list news) चल रहा है, लेकिन इसके विपरीत उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान अब अंतिम दौर मे है. 6 फरवरी को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट का प्रकाशन होगा.
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उससे पहले छूटे हुए नामों को वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए एक महीने का समय दिया गया था. लेकिन अभी छूटे हुए कुल मतदाताओं का लगभग 25 फीसदी की आवेदन वोटर लिस्ट शामिल के करने के लिए फॉर्म 6 आ पाया है. लेकिन अब इसी से जुड़ी एक बड़ी खबर आ रही है. जिन मतदाताओं ने 2003 की मैपिंग से मिलान नहीं किया था और निवास प्रमाण पत्र के तौर पर अपना नाम शामिल करने का दावा किया था. आयोग ने उसे खारिज कर दिया है. आयोग का कहना है कि SIR में सामान्य निवास प्रमाण पत्र मान्य नहीं होंगे.
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up voter list news – इस प्रक्रिया में जिन मतदाताओं की मैपिंग 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाई, उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं. ऐसे मामलों में निवास प्रमाण के लिए प्रस्तुत किए जा रहे ‘सामान्य निवास प्रमाणपत्र’ को चुनाव आयोग स्वीकार नहीं कर रहा है, जिससे पूरे प्रदेश में आम मतदाताओं में असमंजस और परेशानी बढ़ गई है. प्रदेश के लगभग हर जिले में हजारों मतदाताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

