ईरान और अमेरिका तथा इजराइल के बीच छिड़े जंग के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगातार निशाने पर रहा और इस वजह से ज्यादातर देशों को परेशान भी होना पड़ा. अभी युद्धविराम चल रहा है, लेकिन दोनों ओर से होर्मुज को निशाना बनाए जाने का दावा भी किया जा रहा है. होर्मुज संकट को लेकर भारत भी चिंतित है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र (UN bluntly advises India) में होर्मुज में कमर्शियल जहाजों के लिए खतरों पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि जहाजों को निशाना बनाना सही नहीं है और यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत हरीश पी ने, मध्य पूर्व क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील करते हुए, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों के सुरक्षित आवागमन को तुरंत बहाल करने का अनुरोध किया. होर्मुज ईरान और ओमान के बीच 55 किलोमीटर चौड़ा एक अहम समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल व्यापार का संचालन होता है.

UN bluntly advises India – संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) में “मध्य पूर्व के हालात” (The Situation in the Middle East) पर वीटो पहल के तहत हुई बहस में भारत की ओर से पक्ष रखते हुए, हरीश पी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत के ऊर्जा और आर्थिक हितों के लिए समुद्री सुरक्षा बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा, “भारत के लिए, उसकी ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से, बड़ी चिंता की बात होर्मुज से होने वाला कमर्शियल जहाजों का आवागमन है. भारत ने इस बात पर दुख जताया कि इस जंग के दौरान कमर्शियल जहाजों को सैन्य हमलों का निशाना बनाया गया.”

 

Share.
Exit mobile version