उज्जैन : मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी उज्जैन जल्द ही देश भर में एक नई और अनूठी पहचान बनाने जा रही है।प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विशेष पहल पर बाबा महाकाल की नगरी को ‘सर्प मित्र नगरी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महात्वाकांक्षी योजना के तहत शहर के बसंत विहार (first snake friendly city) कॉलोनी क्षेत्र में लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक स्नेक पार्क (Snake Park) का निर्माण कराया जा रहा है। स्थान मात्र नहीं होगा, बल्कि यहां रेस्क्यू किए गए और घायल सांपों के समुचित इलाज और देखभाल की भी पूर्ण व्यवस्था उपलब्ध होगी।
एक ही जगह दिखेंगी सांपों की 21 प्रजातियां
स्नेक पार्क के डायरेक्टर डॉ. मुकेश इंगले ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस पार्क में 21 अलग-अलग प्रजातियों के सांप और अन्य रेप्टाइल्स (सरीसृप) रखे जाएंगे। यहां आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और विद्यार्थियों को विभिन्न प्रजातियों के सांपों के बारे में वैज्ञानिक व व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। लोगों को जागरूक किया जाएगा कि कौन से सांप विषैले होते हैं और कौन से देखने में डरावने जरूर लगते हैं, लेकिन इंसानों के लिए बिल्कुल भी हानिकारक नहीं होते।
ना लोग सांपों को मारें और ना ही सांप इंसान को नुकसान पहुंचाएं
स्नेक पार्क के निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से पूरे देश में यह सकारात्मक संदेश जाना चाहिए कि न लोग डरकर सांपों की हत्या करें और न ही सांप किसी इंसान को नुकसान पहुंचाएं।उन्होंने स्पष्ट किया कि इंसानों और प्रकृति के वन्यजीवों के (first snake friendly city) बीच बेहतर सहअस्तित्व और संतुलन स्थापित करना ही इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है।
