नरसिंहपुर (मध्य प्रदेश): मौत का मंजर कितना भी खौफनाक और भयावह हो, लेकिन एक मां का आंचल और उसकी ममता कभी कमजोर नहीं पड़ती।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली और अत्यंत भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसे सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। जिले के स्टेशनगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत लूनावत पेट्रोल पंप के समीप रेलवे ट्रैक पर एक 25 वर्षीय मां और उसकी 3 साल की मासूम बेटी की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।
💔 सिर धड़ से अलग हुए, फिर भी मां के सीने से कसकर लिपटी रही मासूम बेटी
जब सूचना पाकर पुलिस प्रशासन और स्थानीय नागरिक घटनास्थल पर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए।
ट्रेन से टकराने के कारण मां और बेटी दोनों के सिर धड़ से पूरी तरह अलग हो चुके थे। इतनी भयानक त्रासदी और खौफनाक हादसे के बावजूद मासूम बच्ची का निष्प्राण शरीर अपनी मां के सीने से उसी प्रकार कसकर लिपटा हुआ था, जैसे कोई अबोध बालक डर के साए में अपनी मां की महफूज गोद में छिप जाता है।
🚆 ज्ञानगंगा एक्सप्रेस के लोको पायलट ने दी सूचना, मृतकों की हुई पहचान
मृतकों की पहचान नरसिंहपुर जिले के कपूरी गांव निवासी निशांत जाट की 25 वर्षीय पत्नी प्राची जाट और उनकी 3 वर्षीय अबोध बेटी प्रनीषा के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि प्राची ने अपनी मासूम बेटी को सीने से कसकर चिपका रखा था और रेलवे पटरी पर अपना सिर रख दिया था। ट्रेन नंबर 22132 (ज्ञानगंगा एक्सप्रेस) के लोको पायलट ने तुरंत इस दर्दनाक हादसे की सूचना स्टेशन मास्टर को दी, जिसके बाद स्टेशनगंज थाना पुलिस और जीआरपी (GRP) की टीम मौके पर पहुंची।
😭 बाजार जाने का कहकर निकली थी प्राची, खबर मिलते ही परिजनों में मचा कोहराम
परिजनों ने रोते-बिलखते हुए बताया कि प्राची दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अपनी बेटी के साथ बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी।
घटना के महज डेढ़ घंटे बाद पुलिस के जरिए परिजनों को इस दर्दनाक हादसे की भयावह सूचना मिली। बदहवास परिवार का दुख इतना गहरा था कि मौके पर मौजूद परिवार के एक बुजुर्ग ने सामने से आ रही मालगाड़ी के आगे कूदकर जान देने का प्रयास किया, लेकिन गनीमत रही कि समय रहते आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें मुस्तैदी से बचा लिया।
🔍 हर पहलू से जांच में जुटी पुलिस, बरगी डैम के क्रूज हादसे की आई याद
स्टेशनगंज थाना प्रभारी सौरभ पटेल ने बताया कि महिला द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है।
पुलिस मायके और ससुराल पक्ष के परिजनों के बयान दर्ज कर हर संभावित पहलू से बारीकी से जांच कर रही है। यह दर्दनाक घटना जबलपुर के प्रसिद्ध बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे की याद ताजा करती है, जहां मां मरीना मेसी और उनके 4 साल के मासूम बेटे त्रिशान का शव पानी के भीतर एक-दूसरे से इसी प्रकार लिपटा हुआ मिला था।


