उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मानसून की दस्तक के साथ ही बिजली विभाग की तैयारियों की पोल खुल गई है। जूना सोमवारिया क्षेत्र में शनिवार शाम बारिश के दौरान एक बिजली के खंभे में अचानक करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से आठ बकरों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
🐐 कैसे हुआ हादसा?
शनिवार शाम जब कुछ चरवाहे बकरों के झुंड को चराकर घर लौट रहे थे, तभी वे क्षेत्र में स्थित एक बिजली के खंभे के पास पहुंचे। खंभे में पहले से ही करंट फैला हुआ था, जिसकी जानकारी न तो चरवाहों को थी और न ही स्थानीय लोगों को। झुंड के खंभे के पास पहुंचते ही बकरे करंट की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों की तत्परता से अन्य बकरों को बचाया जा सका, लेकिन तब तक 8 बकरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
😡 स्थानीय लोगों का विभाग पर गंभीर आरोप
घटनास्थल पर पहुंचे स्थानीय पार्षद इमरान खान और आक्रोशित निवासियों ने आरोप लगाया कि बारिश से पहले क्षेत्र की बिजली व्यवस्था ठीक करने के लिए विभाग को कई बार शिकायतें दी गई थीं। पार्षद ने कहा, “बकरों के मालिक अत्यंत गरीब हैं और मजदूरी कर अपना परिवार पालते हैं। इस हादसे से उन पर गहरा आर्थिक संकट आ गया है।” उन्होंने सरकार से पीड़ितों को तत्काल उचित मुआवजा देने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
🚨 पुलिस और प्रशासन का रुख
घटना की सूचना मिलते ही जीवाजीगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पहले की गई शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। यह घटना न केवल विभाग के रखरखाव पर सवाल उठाती है, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी चिंता का बड़ा विषय बन गई है।


