जबलपुर : सीबीआई ने 04 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में सीजीएसटी के असिस्टेंट कमिश्नर तथा इंस्पेक्टर को जिला न्यायालय में पेश किया. विशेष न्यायाधीश रूपेश कुमार गुप्ता ने (two officers in CBI’s clutches) सीबीआई को पूछताछ के लिए दोनों आरोपियों की 03 दिन की रिमांड दी है.
मामले के अनुसार केंद्रीय जीएसटी ने होटल कारोबारी विवेक त्रिपाठी के ओये ट्रांजेक्शन पर आपत्ति करते हुए 1 करोड़ रुपये की रिकवरी निकालते हुए नोटिस जारी किया था. आपत्ति के निराकरण के लिए असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा, कार्यालय अधीक्षक मुकेश वर्मन तथा इंस्पेक्टर सचिन खरे ने रिश्वत के रूप में 10 लाख रुपये की मांगी की थी.
होटल कारोबारी ने इस संबंध में सीबीआई से शिकायत की. सीबीआई ने बुधवार को शाम को ग्वारीघाट रोड स्थित केंद्रीय जीएसटी कार्यालय में असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा तथा इंस्पेक्टर सचिन खरे को रिश्वत की पहली किस्त 4 लाख रूपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया.
वहीं, सीबीआई के टीम के पहुंचने से पहले कार्यालय अधीक्षक मुकेश वर्मन फरार हो गया. सीबीआई ने दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार करते हुए तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया. सीबीआई ने गुरुवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया.
two officers in CBI’s clutches – सतना के रामपुर बघेलान में लोकायुक्त ने नायब तहसीलदार को ₹10 हजार रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया. नायब तहसीलदार ने बंटवारा के प्रकरण पर आदेश करने के बदले रिश्वत मांगी थी. ये कार्रवाई रीवा संभाग की लोकायुक्त टीम द्वारा की गई. नायब तहसीलदार वीरेंद्र सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है.

