मुंबई: भारतीय सिनेमा जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले दिग्गज अभिनेता संजय दत्त ने फिल्म इंडस्ट्री में सफलतापूर्वक 45 वर्ष पूरे कर लिए हैं। अपनी पहली और दूसरी दोनों पारियों में अपनी दमदार (times have changed in Bollywood) अदाकारी का लोहा मनवाने के उपरांत वे अब दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी शक्तिशाली नकारात्मक एवं मुख्य किरदार निभा रहे हैं।
times have changed in Bollywood – इस ऐतिहासिक पड़ाव पर संजय दत्त ने फिल्म जगत के अपने लंबे अनुभवों को साझा किया, साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हॉलीवुड किस प्रकार बॉलीवुड से कार्यशैली और माहौल के मामले में भिन्न और बेहतर है।
संजय दत्त ने आज के दौर की तुलना अपने शुरुआती दिनों से करते हुए कहा कि, “जब मैंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी, तब संपूर्ण फिल्म उद्योग एक एकनिष्ठ परिवार की भांति रहता था। सभी कलाकार और तकनीशियन एक-दूसरे की निस्वार्थ सहायता के लिए तत्पर रहते थे। किंतु वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा अत्यंत असुरक्षित और खतरनाक रूप ले चुकी है, जो अत्यंत दुखद है। मेरी अंतरात्मा चाहती है कि वह पुराना, प्रेमपूर्ण दौर पुनः लौट आए।”
‘द राजा साब’ और ‘खलनायक रिटर्न्स’ से मचाएंगे गदर
कार्यक्षेत्र की बात करें तो संजय दत्त उम्र के इस पड़ाव पर भी अत्यंत व्यस्त अभिनेताओं में शामिल हैं। जहाँ वे वर्ष 2025 में ‘भूतनी’, ‘बागी 4’, ‘हाउसफुल 5’ और ‘धुरंधर’ जैसी फिल्मों में दिखे थे, वहीं वर्ष 2026 के शुरुआती 7 महीनों में ही उनकी 6 बड़ी फिल्में रिलीज हो चुकी हैं। इनमें ‘द राजा साब’, ‘धुरंधर द रिवेंज’, ‘केडी द डेविल’, ‘राजा शिवाजी’, ‘आखिरी सवाल’ और ‘7 डॉग्स’ शामिल हैं। वर्तमान में वे अपनी आगामी बहुप्रतीक्षित फिल्मों ‘बाप’ और ‘खलनायक रिटर्न्स’ की शूटिंग एवं तैयारियों में व्यस्त हैं।
