आज कल देश में डेस्टीनेशन वेडिंग का चलन बढ़ा है. देशभर के राज्यों में कई वेडिंग डेस्टीनेशन हैं, जहां प्रेमी जोड़े जाकर शादियां करते हैं. पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में एक मंदिर है. इस मंदिर (temple became wedding destination) का नाम है त्रिजुगीनारायण. ये मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है. बताया जाता है कि यहीं पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था. अब ये मंदिर वैश्विक वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है.

temple became wedding destination – यहां जोड़े संनातन रीति-रिवाजों से शादी करने के लिए आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि जब शादियों का सीजन होता है, तो यहां हर महीने 100 से अधिक शादियां होती हैं. डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए उत्तराखंड की ब्रांडिंग खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई अवसरों पर कर चुके हैं. ये पीएम की ब्रांडिंग का ही असर है, जो त्रिजुगीनारायण मंदिर में नजर आ रहा है.

अप्रैल तक हो चुके हैं 500 विवाह

मंदिर में लोग देश-विदेश से डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए आ रहे हैं.इससे होटल कारोबारियों, पुजारियों, वेडिंग प्लानर, मांगल टीमों समेत अन्य लोगों को काम मिल रहा है. इलाके की एक वेडिंग प्लानर ने बताया कि सिंगापुर में काम करने वाली एक डॉक्टर सात मई को यहां शादी करने के लिए पहुंची हैं. इसके लिए 9 मई तक उन्होंने जीएमवीएन टीआरएच बुक किया है. इस साल अप्रैल माह तक ही यहां करीब 500 विवाह हुए हैं. वहीं पिछले साल यहां 600 विवाह हुए थे.

वैदिक परंपराओं से कराया जाता है विवाह

मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद ने बताया कि यहां आने वालों का वैदिक परंपराओं से विवाह कराया जाता है. इसके लिए पहले से रजिस्ट्रेशन किया जाता है. सात फेरों के लिए मंदिर परिसर में ही वेदी बनाई गई है. इसके बाद अखंड ज्योति के साथ पग फेरे होते हैं. माता-पिता या अभिभावकों मौजूद रहते हैं, तभी विवाह कराया जाता है. इसके अलावा अन्य सभी कार्यक्रम पास के होटल और रिजॉर्ट में आयोजित किए जाते हैं.

 

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