रीवामध्य प्रदेस के रीवा में एक ऐसा पुलिस स्टेशन है जो शाम होते ही पाठशाला में बदल जाता है. सुनने में अजीब लगे पर ये सच है. दिन में जहां अपराध और अपराधियों की बात होती है, तो वहीं शाम होते ही (police station turns into classroom) यह थाना क्लासरूम नजर आता है. यहां संचालित हो रहा ये गुरुकुल भारत का शायद पहला ऐसा स्कूल है, जो थाने में संचालित होता है और 100 से ज्यादा बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है.

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पुलिस स्टेशन मे संचालित इस शिक्षा के मंदिर का नाम भी ‘गुरुकुल’ रखा गया है, जहां खाकी की निगरानी में संस्कारों की पाठशाला भी संचालित होती है. इस पाठशाला में नर्सरी से लेकर 10वीं तक के बच्चे पढ़कर अपना भविष्य सुरक्षित कर रहे हैं. सबसे खास बात ये है कि शाम के वक्त थाना का एक हिस्सा पूरी तरह बदला नजर आता है. पुलिस थाने का बोर्ड जहां ब्लैक बोर्ड बन जाता है तो वहीं खाकी वर्दी वाले अधिकारी शिक्षक बन जाते हैं.

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police station turns into classroom – रीवा शहर के अमहिया थाना प्रभारी अब एक बार फिर सुर्खियों मे हैं. इस बार उन्हें कुछ ऐसा किया है जो पूरे देश के लिए मिसाल बन गया है. थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल की पहल का ही नतीजा है कि अमहिया थाने में जरूरतमंद व अत्यधिक गरीब परिवार के बच्चों को निशुल्क शिक्षा मिल रही है. 8 महीनों से वे इस थाने की बागडोर संभाले हुए हैं और साथ ही 100 से अधिक गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा दिलाने की क्लास चला रहे हैं.

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