आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता (एंग्जाइटी) और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं आम होती जा रही हैं. वर्क प्रेशर, पर्सनल लाइफ प्रॉब्लम, अनहेल्दी लाइफस्टाइल और बढ़ते (get out of anxiety and depression) डिजिटल एक्सपोजर की वजह से कई लोग मेंटली अनस्टेबल महसूस करने लगते हैं. इससे बाहर निकलना जरूरी है, क्योंकि लंबे समय तक चिंता और डिप्रेशन रहने से फिजिकल हेल्थ पर असर पड़ता है.
get out of anxiety and depression – अक्सर लोग एंग्जाइटी और डिप्रेशन से राहत पाने के लिए दवाओं का सहारा लेते हैं, लेकिन आयुर्वेद और नेचुरल उपचार भी इस समस्या को दूर करने में बेहद असरदार साबित हो सकते हैं. आज हम आपको कुछ ऐसी नेचुरल चीजें बता रहे हैं जिनके इस्तेमाल से आप नेचुरली तरीके से एंग्जाएटी और डिप्रेशन से बाहर आ सकते हैं.
अश्वगंधा , तनाव को कम करने में हेल्पफुल
अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जो स्ट्रेस हार्मोन (कॉर्टिसोल) को कंट्रोल करने में मदद करती है. ये मानसिक तनाव को कम करती है, दिमाग को शांत रखती है और शरीर में एनर्जी बनाए रखती है. अश्वगंधा का सेवन पाउडर या कैप्सूल के रूप में किया जा सकता है.
तुलसी , नेचुरल एंटीडिप्रेसेंट
तुलसी को एक बेहतरीन एडेप्टोजेन माना जाता है, जो शरीर को तनाव से निपटने में मदद करता है. ये ब्रेन फंक्शन को बढ़ाती है और नर्वस सिस्टम को शांत रखती है. रोजाना सुबह खाली पेट तुलसी की पत्तियां चबाने या तुलसी की चाय पीने से मेंटल पीस के लिए फायदेमंद है.
घी और हल्दी का सेवन
देसी घी और हल्दी का मिश्रण दिमाग को ताकत देता है और मूड को बेहतर बनाता है. घी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होते हैं, जो ब्रेन में सूजन को कम कर डिप्रेशन के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं. आप रोजाना एक चम्मच घी के साथ हल्दी का सेवन कर सकते हैं.
योगा निंद्रा करें
योगा निंद्रा एक गहरी रिलैक्सेशन टेक्निक है, जो दिमाग को शांत करती है और शरीर से तनाव को दूर करती है. रोजाना 20-30 मिनट योगा निंद्रा करने से चिंता और तनाव से राहत मिलती है और नींद की क्वालिटी में भी सुधार आता है.
आयुर्वेदिक मसाज लें
आयुर्वेदिक मसाज, खासतौर पर अभ्यंग मसाज, पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर मानसिक तनाव को कम करता है. तिल के तेल, नारियल तेल या अश्वगंधा तेल से हफ्ते में दो बार मसाज करने से नर्वस सिस्टम रिलैक्स होता है और डिप्रेशन के लक्षण कम होते हैं.

